
Gold Jewelry Fraud: रायपुर के फाफाडीह इलाके में साधुओं के भेष में ठगी का मामला सामने आया है। गंज थाना क्षेत्र के जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स में तीन लोग साधु बनकर पहुंचे और एक महिला को बीमारी ठीक करने के साथ-साथ घर की परेशानियां दूर करने का झांसा दिया। महिला को अपनी बातों में फंसाकर आरोपितों ने पूजा कराने के नाम पर अलग-अलग समय में करीब 150 ग्राम सोने के जेवर और 9 हजार रुपये नकद ले लिए। महिला को भरोसा दिलाया गया कि पूजा पूरी होने के बाद उसके सभी जेवर वापस कर दिए जाएंगे। आरोप है कि इसके साथ ही उसे डराया भी गया कि अगर उसने जेवर देने की बात किसी को बताई तो परिवार में किसी की मौत हो सकती है या घर में बड़ी अनहोनी हो सकती है। डर के कारण महिला ने कई महीनों तक अपने पति और परिवार के दूसरे सदस्यों को घटना के बारे में नहीं बताया।
पुलिस के मुताबिक फाफाडीह के जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स में जसवंत परमार अपनी पत्नी नैना परमार के साथ रहते हैं। जसवंत कंसल्टेंसी का काम करते हैं और उनका कार्यालय भिलाई में है। मार्च 2026 में एक दिन सुबह करीब 11 बजे तीन लोग साधु के भेष में उनके घर के आसपास पहुंचे। उन्होंने नैना परमार से बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उन्होंने महिला की बीमारी और आंखों से जुड़ी परेशानी के बारे में ऐसी बातें कहीं, जिन्हें महिला ने अपनी निजी स्थिति से जुड़ा हुआ पाया। इससे महिला को लगा कि साधुओं को उसके बारे में विशेष जानकारी है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर तीनों घर के अंदर आए और बीमारी तथा परिवार की समस्याओं को लेकर बातचीत करने लगे।
बातचीत के दौरान एक साधु ने महिला से कहा कि पूजा करने से उसकी परेशानी दूर हो सकती है। इसके लिए उसने महिला के हाथ में पहनी करीब 3 ग्राम की सोने की अंगूठी मांगी। महिला ने अंगूठी के साथ अपने पास रखे 9 हजार रुपये भी उन्हें दे दिए। आरोपितों ने पूजा करने की बात कहकर सामान अपने पास रख लिया और बाद में वापस करने का भरोसा दिया।
पुलिस शिकायत के अनुसार करीब 10 से 12 दिन बाद तीनों लोग दोबारा महिला के घर पहुंचे। इस बार उन्होंने पूजा के नाम पर करीब 5 ग्राम की सोने की चेन मांगी। महिला ने चेन भी उन्हें दे दी। इसके बाद आरोपितों ने महिला को एक मोबाइल नंबर दिया और फोन पर उससे संपर्क बनाए रखा। वे लगातार महिला को पूजा और उसकी बीमारी से जुड़ी बातें बताकर भरोसे में लेते रहे।
महिला के अनुसार, तीनों लोग करीब 10 से 12 दिन के अंतराल में उसके घर आते थे। हर बार वे पूजा कराने और परिवार की समस्याएं दूर करने की बात कहते थे। इसके बाद सोने के जेवर मांगते और पूजा पूरी होने के बाद वापस करने का भरोसा देते। धीरे-धीरे महिला उनके झांसे में आती चली गई। आरोप है कि इस दौरान महिला ने अलग-अलग समय में करीब 150 ग्राम सोने के जेवर उन्हें दे दिए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपित महिला को यह कहकर डराते थे कि अगर उसने जेवर देने की बात परिवार या किसी अन्य व्यक्ति को बताई तो घर में अनहोनी हो सकती है। यहां तक कहा गया कि परिवार के किसी सदस्य की मौत भी हो सकती है। इस धमकी के कारण महिला काफी समय तक चुप रही। उसने अपने पति और परिवार के अन्य लोगों को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया।
पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने बताया कि उसने कुल सात बार में अलग-अलग सोने के जेवर आरोपितों को दिए। इनमें करीब 3 ग्राम की अंगूठी, 5 ग्राम की चेन, करीब 12 ग्राम का हार, लगभग 40 ग्राम की चार चूड़ियां, करीब 30 ग्राम का एक हार, लगभग 30 ग्राम के दो कंगन और करीब 30 ग्राम का एक अन्य हार शामिल है। इसके अलावा महिला ने 9 हजार रुपये नकद भी दिए। महिला के अनुसार, कुल मिलाकर करीब 150 ग्राम सोने के जेवर और नकदी आरोपितों के पास चली गई।
शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर से तीनों आरोपित महिला को लगातार फोन करने लगे। वे उससे दोबारा सोने-चांदी के जेवर और नकदी मांग रहे थे। महिला ने जब कहा कि अब उसके पास देने के लिए कोई जेवर नहीं है, तब भी फोन आते रहे। लगातार मांग किए जाने के बाद महिला को पहली बार पूरे मामले को लेकर शक हुआ कि उसके साथ ठगी की जा रही है।
25 सितंबर की रात करीब 8 बजे महिला का पति जसवंत परमार भिलाई से काम खत्म करके घर लौटा। उस समय महिला रो रही थी। पति ने जब उससे रोने की वजह पूछी तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया। महिला ने बताया कि मार्च से तीन लोग साधु बनकर उसके संपर्क में थे और बीमारी ठीक करने तथा पूजा कराने के नाम पर उससे लगातार जेवर लेते रहे। यह सुनकर पति ने गंज थाने में पहुंचकर पुलिस को मामले की जानकारी दी।
शिकायत के आधार पर गंज थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब महिला के पास मौजूद मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी के आधार पर तीनों संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपित वास्तव में कौन थे और क्या उन्होंने इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति को भी अपना निशाना बनाया है। उनके आने-जाने के संभावित स्थानों और मोबाइल नंबर से जुड़े सुरागों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में आरोपितों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। जांच टीम महिला से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि बीमारी ठीक करने, पूजा-पाठ से अचानक परेशानी दूर करने या किसी अनहोनी का डर दिखाकर यदि कोई व्यक्ति पैसे या कीमती सामान मांगता है तो सावधान रहें। ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने से ठगी की घटनाओं को रोका जा सकता है।