
रायपुर. छत्तीसगढ़ में संजीवनी व महातारी एंबुलेंस कर्मचारीयों ने आज भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जिसमें करीब 57 कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जिससे पगशासन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
उल्लेखनीय है कि अपनी मांगो को लेकर संजीवनी व महातारी एंबुलेंस कर्मचारी प्रशासन के खिलाफ हड़ताल पर बैठे हैं। जिसमें रोजाना अपने प्रदर्शन के लिए कर्मचारी नए- नए तरीके अपना रहे हैं। पहले बारिश में पंडाल उखाड़ दिए जाने पर छाता लेकर प्रदर्शन उसके बाद पीएम व अधिकारीयों को अपने खून से खत लिखना इसके बावजूद जब प्रशासन ने इनकी बात नही सुनी तो इन्होनें अपने नेत्रदान का संकल्प लिया। कल कर्मचारियों द्वारा सामुहिक रूप से रक्तदान किया गया और आज करीब ५७ संजीवनी व महतारी कर्मचारी भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि कर्मचारियों के इस रवैये को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने एंबुलेंस कंपनी जीवीके का ठेका रद्द कर यह ठेका किसी और कंपनी को देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जीवीके कंपनी द्वारा काफी कर्मचारियों को बर्खास्त भी किया गया जिसके बावजूद कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हैं। कर्मचारियों की पहली मांग है कि उन्हे नियमितता दी जाए।
यह सेवाएं सरकार द्वारा जरूरतमंदो के लिए शुरू की गई थी जो की पूरी तरह निशुल्क सेवा है। पर कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने से सारी स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हो चूकी हैं। कंपनी के एंबुलेंस अप्रशिक्षित कर्मीयों के हाथों में दे रखा है जिससे रोजाना शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा कभी- कभी एंबुलेंस के समय पर नही पहुंच पाने पर मरीजों को ऑटो, रिक्शा व निजी वाहनों के सहारे अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ- साथ उनके जेब पर भी असर हो रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर एंबुलेंस को बुलाने के बाद वह एक घंटे देरी से वहां पहुंच रही है।
संजीवनी व महतारी एंबुलेंस कर्मचारियों का कहना है कि जब तक प्रशासन द्वारा उनकी मांगो को पूरा नही किया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।