उरला औद्योगिक क्षेत्रों के कारोबारियों के बीच यह सहमति बन चुकी है, कि फैक्ट्री से बाहर और भीतर सहित औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर उद्योगपति मिलकर कैमरे लगाएंगे, वहीं राज्य सरकार और बिरगांव निगम प्रशासन से मांग की गई है कि सड़क सहित मुख्य चौक-चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगाएं जाने चाहिए।
रायपुर. राजधानी के इस्पात कारोबारी प्रवीण सोमानी के अपहरण की घटना के बाद अब औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक संघों ने सुरक्षा को लेकर बैठकें करनी शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर जहां उद्योगपतियों में असुरक्षा की भावना है, वहीं अब तीसरी आंख के जरिए वह अपने औद्योगिक क्षेत्र को सुरक्षित करना चाहते हैं।
दरअसल उरला, सिलतरा, भनपुरी. बिरगांव, सरोरा आदि क्षेत्र रायपुर नगर निगम से बाहर के दायरे में आते हैं। इसकी वजह से इन इलाकों में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाया जा सका है। प्रवीण सोमानी के अपहरण मामले में पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की मदद कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। यही कारण है कि अब उद्योगपतियों ने अपने फैक्ट्रियों के भीतर और बाहर में भी सुरक्षा पुख्ता करने के लिए अब हाई रेज्योलूशन वाले कैमरे लगाने के लिए सहमति जताई है।
राज्य सरकार और निगम प्रशासन से मांग
उरला औद्योगिक क्षेत्रों के कारोबारियों के बीच यह सहमति बन चुकी है, कि फैक्ट्री से बाहर और भीतर सहित औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर उद्योगपति मिलकर कैमरे लगाएंगे, वहीं राज्य सरकार और बिरगांव निगम प्रशासन से मांग की गई है कि सड़क सहित मुख्य चौक-चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगाएं जाने चाहिए।
उरला औद्योगिक क्षेत्रों में अब उद्योगपतियों ने मिलकर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है, लेकिन मुख्य चौक-चौराहों पर प्रशासन को जिम्मेदारी निभानी होगी। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा तय होनी चाहिए।
-अश्विन गर्ग
अध्यक्ष, उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन