
रायपुर . छत्तीसगढ़ में नौ सूत्रीय मांगों को लेकर पौने दो लाख शिक्षाकर्मियों पर रमन सरकार की सख्ती का असर नहीं दिखा। शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को अड़े हुए हैं और उनकी हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। जबकि शिक्षाकर्मियों की क्रमिक भूख हड़ताल का यह दूसरा दिन है। इस दौरान हड़ताली शिक्षाकर्मियों ने प्रदेश की रमन सरकार पर जमकर हमला बोला। धरनास्थल पर बैठे शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर क्रमिक भूख हड़ताल को जारी रखने की चेतावनी दी।
10वें दिन क्रमिक भूख हड़ताल शुरू
बतादें कि राज्य सरकार की सख्ती के विरोध में शिक्षाकर्मियों ने बुधवार से क्रमिक भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी। प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों में करीब 1460 शिक्षाकर्मी भूख हड़ताल पर रहकर सरकार के प्रति आक्रोश जताया। छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संयोजक संजय शर्मा व केदार जैन ने कहा कि सरकार की सख्ती के आगे शिक्षाकर्मी नहीं झुकेंगे। वे अपने वाजिब हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
रायपुर जिले में होगी नई पोस्टिंग
हड़ताल रोकने रायपुर जिला पंचायत ने नया दांव खेला है। जिपं सीईओ नीलेश क्षीरसागर ने शहर से सटे गांवों के 62 स्कूलों की सूची जारी कर जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षाकर्मियों को इन स्कूलों में नई पोस्टिंग का ऑफर दिया है। पदस्थापना के लिए 30 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षाकर्मियों को लेकर सियासत
उधर, शिक्षाकर्मियों की हड़ताल ने सियासत गरमा दी है। हड़ताल को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को कोरबा में पत्रकारों से बातचीत में बोले, 'पहले भी कहा था, अब भी कह रहा हूं, 10 दिन बाद भी कहूंगा, नहीं होगा संविलियन।' हालांकि, राजधानी में भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, चर्चा से ही हर समस्या का हल निकलता है। शिक्षाकर्मी अफसरों से चर्चा करें।
इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने नगरीय निकायों, जिला और जनपद पंचायतों के कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधियों को शिक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का फरमान जारी कर चुनाव से पहले शिक्षाकर्मियों को अपने पक्ष में करने का बड़ा दांव खेल दिया है।