
@ताबीर हुसैन/Electricity Bill Hike: स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बढ़े हुए बिलों को लेकर राजधानी रायपुर में उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के विभिन्न बिजली बिल भुगतान और शिकायत केंद्रों में बड़ी संख्या में लोग बढ़े हुए बिलों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। किसी का बिजली बिल दोगुना आया है तो किसी का तीन से चार गुना तक बढ़ गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर शिकायत किससे करें। बिल जमा करना मजबूरी है, क्योंकि भुगतान नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटे जाने का डर बना रहता है।
समय : दोपहर 3.55 बजे
स्थान : भाटागांव बिजली बिल केंद्र
भाटागांव स्थित बिजली बिल केंद्र में बिल जमा करने पहुंचे हाजी सोबिल (बीपी नंबर 10011892122) ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल हर महीने करीब 1200 से 1500 रुपए के बीच आता था। उन्होंने बताया कि पिछले महीने 10700 रुपए का बिल जमा किया था, जबकि इस महीने 12500 रुपए जमा करने पड़े। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही यह समस्या शुरू हुई है। उन्होंने कहा, समझ नहीं आ रहा कि आखिर इतनी बिजली खर्च कहां हो रही है।
समय : 4.20 बजे
स्थान : कालीबाड़ी बिजली बिल केंद्र
कालीबाड़ी स्थित बिल भुगतान केंद्र पहुंचे सिराजुल (बीपी नंबर 1008902619) ने बताया कि इस बार उनका बिजली बिल 15430 रुपए आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी तक उन्होंने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन आसपास के अधिकांश लोग स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े हुए बिलों की शिकायत कर रहे हैं।
समय : शाम 4.40 बजे
स्थान : लाखेनगर चौक बिजली बिल केंद्र
लाखेनगर चौक स्थित बिजली बिल केंद्र में बिल जमा करने पहुंचे नसीरुद्दीन (बीपी नंबर 1008902619) ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल हर महीने 500 से 700 रुपए के बीच आता था, लेकिन इस बार अचानक बढक़र 2540 रुपए पहुंच गया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों से बढ़े हुए बिल का कारण पूछा तो जवाब मिला कि बिजली ज्यादा जली है। इस पर उन्होंने सवाल किया कि आखिर इतनी बिजली खर्च कैसे हो गई। उनका कहना है कि जांच के बाद ही बढ़े हुए बिल की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
शहर के कई बिजली कार्यालयों और शिकायत केंद्रों में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। अधिकांश लोग बढ़े हुए बिल की जांच कराने, मीटर की रीडिंग सत्यापित कराने और बिल में सुधार की मांग लेकर पहुंच रहे हैं।
बढ़े हुए बिजली बिलों ने कई परिवारों की आर्थिक स्थिति पर असर डाला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि महंगाई के बीच अचानक हजारों रुपए अतिरिक्त बिजली बिल देना आसान नहीं है। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दे और यदि कहीं तकनीकी गड़बड़ी है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर की वजह से बिजली बिल नहीं बढ़ रहे हैं। बिल बढ़ने का मुख्य कारण बिजली की वास्तविक खपत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलती है। यदि खपत 400 यूनिट से एक यूनिट भी अधिक हो जाती है, तो यह छूट समाप्त हो जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अचानक अधिक बिल दिखाई देता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपने बिल और बिजली खपत की नियमित निगरानी करने की अपील की है।