Suman Kalyanpur Death: छत्तीसगढ़ी फिल्म 'घर द्वार' में अपनी आवाज देने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर ने 89 साल की उम्र में निधन हो गया। आइए जानते हैं उनके गाए हुए छत्तीसगढ़ी गीत...
Suman Kalyanpur passing away: मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। अपनी सदाबहार और रोमांटिक गानों से कई पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में राज किया। 1960 और 70 के दशक में जब हिंदी सिनेमा पर स्वर कोकिला लता मंगेशकर का राज हुआ करता था, उस दौर में सुमन कल्याणपुर ने अपनी सुरीली आवाज के दम पर संगीत जगत में एक खास पहचान बनाई थी। सुमन कल्याणपुर ने हिंदी के अलावा मराठी और छत्तीसगढ़ी गीत भी गाए। आज उनके निधन से छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है।
आज की पीढ़ी भले ही इस नाम से थोड़ी कम वाकिफ हो लेकिन उनके गए गीत आज भी छत्तीसगढ़ी गाना आज भी लोगों के दिलों बसा हुआ है। (Suman Kalyanpur death) 1971 में रिलीज़ हुई ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ी फिल्म 'घर द्वार' में उन्होंने अपनी आवाज़ दी थी। इस फिल्म में जमाल सेन के संगीत और हरि ठाकुर के लिखे गीत शामिल थे। उनके द्वारा गाए गए कुछ सबसे लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीत "झन मारो गुलेल" आज अध-रतिहा मोर फूल बगिया मा" (मोहम्मद रफ़ी के साथ)"सुन सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे" "गोंदा फुलगे मोरे राजा"इन गीतों में उनकी सुरीली आवाज़ ने छत्तीसगढ़ी लोक संगीत और संस्कृति को एक नया आयाम दिया था।
''झन मारो गुलेल' (Jhan Maro Gulel) एक बहुत ही प्रसिद्ध और मधुर छत्तीसगढ़ी लोकगीत है। ( Chhattisgarh Film) यह छत्तीसगढ़ की पहली रंगीन फिल्म 'घर द्वार' (Ghar Dwar) का एक बेहद लोकप्रिय गाना है। इस गीत को मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर (Suman Kalyanpur death) ने अपनी आवाज़ दी थी और इसे छत्तीसगढ़ के जाने-माने कवि और लेखक हरि ठाकुर जी ने लिखा था।
सुमन कल्याण एक प्लेबैक सिंगर थीं, जिन्होंने 'तुमने पुकारा और हम चले आए', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से' और 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' जैसे सदाबहार गाने गाए थे। उनका निधन रविवार शाम मुंबई के लोखंडवाला स्थित उनके आवास पर हुआ। सुमन कल्याण पिछले कुछ समय से बढ़ती उम्र और उससे जुड़ी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन के बाद से इंडस्ट्री में शोक की लहर है।