
रायपुर. जहां पूरी सरकार और उसे चलाने वाले बैठे हैं, कई मुद्दों पर विपक्ष के भी तेवर तीखे हैं। इसके बावजूद हमारा रायपुर शहर सफाई में अव्वल आने के बजाय और नीचे खिसक गया। स्वच्छता सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल रायपुर को 139वीं रैंक मिली है। पिछले साल 129वीं रैंक थी।
राजधानी प्रदेश के दूसरे शहरों की तुलना में सबसे ज्यादा फिसड्डी रही। हद तो तब हो गई है जब पिछले साल 2017 की तुलना में दस कदम और पीछे खिसक गए। राजधानी की स्वच्छता सुधारने के लिए केंद्र और राज्य शासन से करोड़ों रुपए मिलने के बावजूद रैंक में पिछडऩा कई सवाल खड़े करते हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में राजधानी रायपुर का प्रदर्शन प्रदेश के अंबिकापुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, भिलाई नगर और जगदलपुर जैसे शहरों से बुरा है। वहीं रायपुर के इस रैंकिंग से नगर निगम के आला अधिकारियों से जोन स्तर पर स्वच्छता मुहिम में लगे कर्मचारी भी हतप्रभ हैं।
सफाई को लेकर जागरूकता की भारी कमी देखी गई। जब-जब केंद्रीय टीम आई दिखावे के लिए अमला उतारते गए, बाकी समय स्वच्छता के मामले में कोई वास्ता नहीं रखा। शिकायतों के बावजूद सफाई नहीं हुई। निगम के जोन स्तर के कर्मचारी भी लोगों की समस्या का निराकरण करने में आगे नहीं आए।
डाक्यूमेंटेशन में सबसे ज्यादा पीछे
नगर निगम रायपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण में डाक्यूमेंटेशन में सबसे कम नंबर मिले हैं। 1400 में से सिर्फ 420 अंक मिले हैं, जबकि जो सर्वे टीम आई थी, उसने निगम मुख्यालय से करीब 75 किलोग्राम दस्तावेज अपने साथ लेकर गए थे। इसी तरह सिटीजन फीडबैक में कम नंबर मिले हैं। इसमें 1400 में से 854 अंक मिले हैं। वहीं टीम ने सर्वे के दौरान किए गए व्यक्तिगत वेरीफिकेशन में ठीक-ठाक अंक मिले हैं। इसमें टीम ने 1200 में से 1163 अंक दिए हैं।
टीम को मिली थी ये खामियां
- सभी वार्डों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं
- सार्वजनिक शौचालय में कुछ जगह पर तालाबंद मिला
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरा निष्पादन का प्लांट नहीं लगना
- सरोना और टे्रंचिंग ग्राउंड में कचरे का ठीक से डंप नहीं करना
- कचरा परिवहन खुले वाहनों में करना आदि
प्रदेश में किस शहर को कितनी रैंक
अंबिकापुर- 11 वीं रैंक
बिलासपुर- 22 वीं रैंक
कोरबा- 35 वीं रैंक
रायगढ़ - 54 वीं रैंक
राजनांदगांव- 59 वीं रैंक
भिलाई नगर- 71 वीं रैंक
जगदलपुर- 116 वीं रैंक
राजधानी रायपुर - 139 वीं रैंक