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इस अफसर ने छिपा रखी थी करोड़ों की संपत्ति और साढ़े 6 लाख विदेशी करेंसी, ईडी ने कसा शिकंजा

एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिछले वर्ष फरवरी महीने मेें अधिकारी के निवास पर छापेमारी कार्रवाई करते हुए बेहिसाब सम्पत्तियों का खुलासा किया था
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रायपुर

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Ashish Gupta

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Updated: 23 Jun 2018, 7:22 PM IST

ACB Raid News

इस अफसर ने छिपा रखी थी करोड़ों की संपत्ति और साढ़े 6 लाख विदेशी करेंसी, ईडी ने कसा शिकंजा

रायपुर. साढ़े 6 लाख रुपए विदेशी करेंसी जब्त होने के मामले में राजधानी स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक एमएल पांडे पर फेमा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विदेशी करेंसी के मामले में अब अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।

इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पिछले वर्ष फरवरी महीने मेें अधिकारी के निवास पर छापेमारी कार्रवाई करते हुए बेहिसाब सम्पत्तियों का खुलासा किया था, जिसमें डॉलर आदि प्राप्त हुआ था। ईडी के शिकंजे में आने के बाद अब अधिकारी पर पिछली कार्रवाई के संबंध में भी पूछताछ की जाएगी। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट (फेमा) एक्ट के तहत विदेशी करेंसी का हिसाब-किताब पूछा जाएगा।

बेहिसाब सम्पत्तियों का खुलासा
एमएल पांडे के निवास में छापेमारी के बाद कई बेहिसाब सम्पत्तियों का खुलासा हुआ, जिसमें अग्रोहा कालोनी में 4800 वर्गफीट में बना आलीशान बंगला, दुर्ग जिले में 23 एकड़ जमीन, पुणे, मुंबई में करोड़ों रुपए संपत्ति में निवेश, 15 एसबीआई, 6 आईडीबीआई बैंकों में 1 करोड़ से ज्यादा नगदी, आभूषणों सहित 2 प्लॉट बेटे के नाम पर, 1 पत्नी के नाम पर, कोटा में 10 हजार वर्गफीट में 2 मंजिला भवन जिसमें स्कूल संचालित हो रहा है।

विभाग में भ्रष्टाचार की हदें पार
सूत्रों के मुताबिक समाज कल्याण विभाग में उच्च अधिकारियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ते जा रहा है। हाल ही में विभाग के फल-फूल और मिठाई घोटाला सामने आया था, जिसमें विभाग के उपसंचालक पंकज वर्मा के ऊपर आर्थिक अनियमितता व भंडार क्रम नियमों का उल्लंघन करने का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर विभाग के आयुक्त ने विशेष सचिव को भी रिपोर्ट सौंपी थी।

इन पर भी ईडी की कार्रवाई जारी
एसीबी की कार्रवाई में पांडे के सम्पत्तियों का खुलासा लगभग 10 करोड़ रुपए आंका गया है। हालांकि एसीबी की कार्रवाई के बाद पांडे बर्खास्त नहीं हुए, बल्कि दफ्तर में उसने फिर से कामकाज संभाला था। ईडी के सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में बीएल अग्रवाल (पूर्व आईएएस), आलोक अग्रवाल व मिश्रीलाल के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

एसीबी का छापा
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बीते वर्ष फरवरी महीने में 9 अफसरों के 15 ठिकानों पर छापे मारे। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, अंबिकापुर, कोरबा, दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर शहरों में छापे पड़े। एमएल पांडे के अलावा दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी के यहां से पौने 9 लाख कैश, जगदलपुर में 3 मकान जिनकी कीमत डेढ़ करोड़ से ज्यादा है, जबकि 40 जमीन के दस्तावेज मिले, फॉरेस्ट के एसडीओ रामेश्वर साहू, पीएमजीएसवाई के इंजीनियर प्रदीप गुप्ता, कृषि विभाग के शालिकराम वर्मा, बिलासपुर के अविनाश गुंजाल के रायपुर स्थित निवास, जांजगीर में कॉपरेटिव सोसायटी के श्रवण सिंह, पीएचई के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके चंद्रा के ठिकानों पर एसीबी ने दबिश दी थी।

इसी महीने हुआ था धरना
एमएल पांडे के खिलाफ उनके ही विभाग के दिव्यांगों ने इसी महीने लाखेनगर धरना स्थल पर भूख हड़ताल करते हुए उनके बर्खास्तगी की मांग की थी। विकलांग कर्मचारियों ने बैनर-फ्लैक्स लगाकर अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग रखी थी। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू के बंगले के सामने भी दिव्यांगों ने धरना देकर अधिकारी को हटाने के लिए मुहिम छेड़ी थी।