
Raipur traffic system: रायपुर राजधानी के टाटीबंध चौक से रोजाना डेढ़ लाख से अधिक वाहन गुजर रहे हैं, लेकिन यहां वाहन चालकों को सही रास्ता बताने वाले साइनेज बोर्ड तक नहीं लगे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े इंटरचेंज में शामिल यह चौक रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई के साथ मुंबई-हावड़ा मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके बावजूद फ्लाईओवर के ऊपर और नीचे दोनों तरफ दिशा संकेतों की कमी वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रही है।
पहली बार इस मार्ग से गुजरने वाले चालकों को सही रास्ता चुनने में उलझन हो रही है। यातायात पुलिस के सर्वे के अनुसार, टाटीबंध चौक से 24 घंटे में डेढ़ लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। इनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा भारी वाहन यानी ट्रक हैं। इतनी बड़ी आवाजाही के बावजूद प्रमुख मोड़ों पर दिशा बताने वाले बोर्ड नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कुछ स्थानों पर बोर्ड लगाए भी गए हैं, लेकिन उनकी स्थिति ऐसी है कि चलते वाहन से उन्हें देख पाना मुश्किल होता है।
टाटीबंध चौक पर फ्लाईओवर के ऊपर और नीचे रास्तों की बनावट भी वाहन चालकों के लिए चुनौती बनी हुई है। खासकर भिलाई की ओर मुड़ते समय तकनीकी खामियों के कारण वाहन चालकों को सतर्क रहना पड़ता है। सही दिशा का संकेत समय पर नहीं मिलने से अचानक लेन बदलने या गलत रास्ते पर जाने की आशंका रहती है। भारी वाहनों की अधिक आवाजाही के बीच यह स्थिति और गंभीर हो जाती है।
टाटीबंध चौक के निर्माण से पहले इस मार्ग पर 100 से अधिक लोगों की जान जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में स्पष्ट दिशा संकेत और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यहां चौक पर अन्य जरूरी फेरबदल के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। यह मार्ग रायपुर,बिलासपुर-दुर्ग-भिलाई सहित मुंबई-हावड़ा सहित अन्य राज्यों को जोड़ता है।