
रायपुर@संतराम साहू। Chhattisgarh Tehsildar Transfer: राजस्व विभाग में तबादला आदेशों की अनदेखी की जा रही है। पटवारियों के बाद अब तहसीलदारों के तबादले भी सवालों के घेरे में हैं। हड़ताल के बाद राजस्व विभाग ने बड़े पैमाने पर तबादले किए, लेकिन कई अधिकारी नई पदस्थापना पर जाने के बजाए पुराने स्थानों पर ही जमे हुए हैं। खासकर रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े जिलों से बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जशपुर जैसे दूरस्थ एवं अनुसूचित क्षेत्रों में जाने वाले तहसीलदारों के मामले में आदेशों का पालन नहीं हो पा रहा है। वहीं 57 में 19 लाेग नई जगहों पर ज्वाइनिंग दे चुके हैं।
बता दें कि राजस्व विभाग ने 9 सितंबर को तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद कई अधिकारियों की रवानगी अब तक नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि कुछ तहसीलदार कामकाज का हवाला देकर अपनी रिलीविंग रुकवाने में सफल रहे हैं। वहीं रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े जिलों में स्थानांतरित किए गए अधिकारी आदेश के अनुरूप तत्काल नई पदस्थापना पर पहुंच गए और कार्यभार भी संभाल लिया। इसके उलट, अनुसूचित एवं दूरस्थ जिलों में पदस्थापना पाने वाले अधिकारियों के मामले में आदेशों का पालन अटका हुआ है।
राजस्व विभाग में चर्चा है कि अधिकारी बड़े और सुविधाजनक जिलों में पदस्थ रहना चाहते हैं, जबकि दूरस्थ एवं अनुसूचित क्षेत्रों में जाने से बच रहे हैं। बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जशपुर जैसे जिलों में पदस्थापना के आदेश के बावजूद अधिकारियों का नहीं पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, स्थानांतरण आदेश जारी होने के 10 दिनों के भीतर एकतरफा भारमुक्ति की कार्रवाई की जानी चाहिए तथा संबंधित कर्मचारी को सात दिनों के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होता है।
जानकारी के अनुसार अब राजस्व विभाग विभाग में एकतरफा भारमुक्ति की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।