रायपुर

पढ़ाएं या डेटा भरें? 27 ऐप के जाल में फंसे शिक्षक, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

Teachers App Work: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों पर बढ़ते ऐप आधारित और गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन (CGTA) ने नाराजगी जताई है।
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Jun 28, 2026
Chhattisgarh Teachers Association
27 ऐप के जाल में फंसे शिक्षक (फाइल फोटो- पत्रिका)

Teachers Burden Apps: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन (सीजीटीए) ने शिक्षकों पर बढ़ते मोबाइल ऐप आधारित कार्यों और गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों पर नाराजगी जताई है। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों से 27 से अधिक ऐप और पोर्टलों पर लगातार जानकारी अपलोड कराई जा रही है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उनका कहना है कि शिक्षक पढ़ाने के बजाय डेटा एंट्री ऑपरेटर बनकर रह गए हैं। संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षकों से आयुष्मान, मतदाता सत्यापन, जनगणना और साक्षरता अभियान सहित कई पोर्टलों पर एक ही छात्र की जानकारी बार-बार दर्ज कराई जाती है। इससे शिक्षण कार्य के लिए मिलने वाला समय लगातार कम हो रहा है। इसका असर स्कूलों में बच्चों के वार्षिक परीक्षा परिणाम पर भी देखने को मिल रहा है।

ऐप का दबाव, बढ़ रहा मानसिक तनाव

एसोसिएशन का कहना है कि नए-नए ऐप डाउनलोड करने के निर्देश, समय-सीमा का दबाव और वेतन रोकने जैसी चेतावनियों से शिक्षक मानसिक तनाव में हैं। इंटरनेट, मोबाइल और डेटा का अतिरिक्त खर्च भी उन्हें स्वयं उठाना पड़ रहा है।

इस तरह के ऐप पर करना पड़ रहा काम

शिक्षक संघ के संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षकों से ई-जादुई पिटारा, दीक्षा, सीजी एमडीएम, सीजी वीएसके, समग्र शिक्षा, यू-डाइस, सीजी स्कूल डॉट इन, आयुष्मान, मतदाता सत्यापन, जनगणना, साक्षरता अभियान सहित कई ऐप पर नियमित डेटा अपलोड कराया जा रहा है। कई बार एक ही छात्र की जानकारी अलग-अलग पोर्टलों पर बार-बार भरनी पड़ती है। छात्र का नाम, माता-पिता का विवरण, जन्मतिथि, जाति, मोबाइल नंबर से लेकर यूनिट टेस्ट, तिमाही, छमाही, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा के अंक तक अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर दर्ज करने पड़ते हैं।

गैर-शैक्षणिक कार्य वापस लेने की मांग

सीजीटीए ने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक एवं अनावश्यक ऑनलाइन कार्य तत्काल वापस लिए जाएं। साथ ही, सभी विभागीय ऐप और पोर्टलों का एकीकरण किया जाए, ताकि शिक्षक पूरी तरह शिक्षण कार्य पर ध्यान दे सकें।

27 ऐप के जाल में फंसे शिक्षक

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि यदि शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक और ऐप आधारित कार्यों में उलझाया जाता रहा, तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। संगठन ने सरकार से मांग की है कि विभागीय पोर्टलों का एकीकरण कर अनावश्यक ऑनलाइन कार्यों और गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों को समाप्त किया जाए, ताकि शिक्षक अपना पूरा समय शिक्षण कार्य को दे सकें।

Published on:
28 Jun 2026 01:30 pm