MBBS vs BDS: चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को तीसरे यानी मॉपअप राउंड में एमबीबीएस-बीडीएस सीटों का आवंटन कर दिया। इनमें 372 छात्रों को फ्रेश आवंटन किया है।
MBBS vs BDS: चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बुधवार को तीसरे यानी मॉपअप राउंड में एमबीबीएस-बीडीएस सीटों का आवंटन कर दिया। इनमें 372 छात्रों को फ्रेश आवंटन किया है। वहीं 8 छात्रों की सीटें अपग्रेड की गई हैं। जबकि 68 छात्रों की सीटें अपग्रेड नहीं हो पाईं। इसलिए ऐसे छात्रों को पहले एडमिशन लिए कॉलेजों में पढ़ाई करनी होगी। ऐसे छात्रों में एमबीबीएस-बीडीएस के छात्र शामिल हैं। एनआरआई कोटे में 48 सीटों का आवंटन किया गया है।
छात्रों को 6 से 8 नवंबर तक एडमिशन लेना होगा। जिन छात्रों की सीटें अपग्रेड नहीं हुई हैं, उन्हें दोबारा एडमिशन लेने की जरूरत नहीं है। वहीं जिनकी सीटें अपग्रेड हुई हैं, उन्हें फिर से मेडिकल जांच कराना जरूरी नहीं है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में जिन छात्रों का अपग्रेड हुआ है, ऐसे छात्रों को शपथपत्र के साथ शुल्क के रूप में चेक जमा करना होगा। यही नहीं बैंक गारंटी के लिए भी चेक देना होगा। अगर चेक बाउंस होता है और बैंक गारंटी जमा नहीं कर पाते तो एडमिशन रद्द कर दिया जाएगा।
इस साल 720 में केवल 113 नंबर पाने पर निजी कॉलेज में एनआरआई कोटे में एडमिशन हो गया। इसमें करोड़पति लोग एनआरआई स्पांसर्ड कोटे के तहत एडमिशन कराते हैं। इसमें दो पीढ़ी तक के रिश्तेदार इस कोटे के तहत एडमिशन ले सकते हैं। एक निजी कॉलेज को हाल ही में जीरो ईयर होने के बाद भी 100 सीटों की मान्यता दी गई है। वहां सभी 15 एनआरआई की सीटें खाली थीं।
जबकि भिलाई के दो कॉलेजों में 14-14 सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। बाकी दो कॉलेजों में 9 व 5 सीटें खाली थीं। भिलाई के एक अन्य निजी कॉलेज को भी बाद में 50 सीटों की मान्यता दी गई है। वहां भी एनआरआई समेत स्टेट व मैनेजमेंट कोटे की सीटें खाली थीं।