
रायपुर . नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आज रमन कैबिनेट की बैठक हुई। मंत्री परिषद की बैठक में शिक्षाकर्मियों के हड़ताल का मुद्दा गरमाया रहा। कुछ मंत्रियों ने सरकार द्वारा कोई रास्ता नहीं निकाले जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीएम रमन सिंह भी हड़ताल खत्म करवाने को लेकर कुछ निर्णय नहीं ले पाए। आपको बता दें कि हफ्तेभर के भीतर में राज्य मंत्रीपरिषद की यह दूसरी बैठक है।
अधिकारियों ने कहा- चपरासी बच्चों को पढ़ा रहे हैं
रमन कैबिनेट की बैठक में मंत्रिमंडल के अलावा अधिकारीगण भी शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने शिक्षाकर्मिंयों के हड़ताल में चले जाने से आ रही समस्याओं को खुलकर बताया। अफसरों ने कहा कि हड़ताल की वजह से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। कही चपरासी, तो कही साक्षरता प्रेरक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
नहीं निकला समाधान
अधिकारियों की बात पर मंत्रियों ने नाराजगी जताई और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की बात कही। कुछ मंत्रियों ने कहा कि शिक्षाकर्मियों का आंदोलन खत्म हो सके, इसका उपाय बताएं. इस बात का विभागीय अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए।
रसोईया की मांगों को लेकर भी हुआ चर्चा
छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी के साथ रसोईया भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है। रमन कैबिनेट में उनकी मांगों को लेकर भी मंत्रियों और अफसरों के बीच चर्चा हुई। अफसरों ने हड़ताल की वजह से होने वाली समस्या को बताया। इधर मंत्रियों ने साफ शब्दों में कहा कि इस पर वैकल्पिक चर्चा के बाद ही पूरी की जा सकेंगी। फिलहाल अभी मांगे पूरी नहीं होगी। मीटिंग में अगामी विधानसभा के शीतकालिन सत्र की तैयारियों, अनुपूरक बजट व संशोधन विधेयकों को लेकर भी चर्चा हुई।
इधर फिर से शिक्षाकर्मियों में छाई नाराजगी
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने साफ शब्दों में यह कहा दिया था कि शिक्षाकर्मियों के संविलियन का मांग न पहले हुआ था और न अब होगा। आज कैबिनेट की मीटिंग में अफसरों की नाराजगी और मंत्रिमंडल के सुझावों के बाद भी वे अपने बयान पर कायम रहे। इधर फिर से रमन सिंह की चुप्पी के बाद प्रदेश के शिक्षाकर्मियों में एक बार फिर से नाराजगी छा गई।