
Chhattisgarh Weather Update: प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। फिंगेश्वर क्षेत्र के सहसपुर गांव से एक दुखद हादसा सामने आया है। यहां सरगी नाला में नहाने गए 55 वर्षीय थनवार राम यादव की डूबने से मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह थनवार राम नाले में नहा रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। उन्होंने खुद को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी के प्रचंड वेग के आगे बेबस हो गए। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे। कुछ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद उनका शव हादसे वाली जगह से करीब 5 किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के पास नाले के उथले हिस्से में मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। इस दुखद घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
धमतरी के नगरी इलाके में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। गणेश घाट-देउरपारा मार्ग पर 1.87 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल अभी अधूरा है। वहीं ठेकेदार द्वारा बनाया गया अस्थायी डायवर्जन पुल बारिश के पानी में बह गया। पुराना पुल तोड़े जाने के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले को पार करना पड़ रहा है।
चारभाठा-नारी नाले की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी आसपास के खेतों में घुस गया है। इससे करीब 100 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। फसल के नुकसान से आक्रोशित किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने किसानों को जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया है।
प्रदेश में बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों तक तुरंत राहत और बचाव सामग्री पहुंचाई जाए। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि बरसात के मौसम में उफनते नदी-नालों के पास न जाएं और सावधानी बरतें।