
रायपुर. कांग्रेस और वामदलों की ओर से सोमवार को बुलाए गए भारत बंद का छत्तीसगढ़ में व्यापक असर देखने को मिला है। राजधानी रायपुर में तो लोग सवारी तक के लिए तरस गए। बसें नहीं चलीं। टैक्सी सेवा भी प्रभावित रही। दवा दुकानों को छोडक़र लगभग सभी दुकानें सुबह से ही बंद रहीं। कुछ दुकानों के खुली होने की सूचना पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने दुकानदारों को फूलमाला पहनाकर दुकान बंद करने के लिए मनाया।
बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता सुबह से सडक़ों पर उतर गए थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पी.एल. पुनिया खुली जीप में और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल घोड़े पर सवार होकर शहर के प्रमुख बाजारों में पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बात की। कांग्रेस विधायक दल के नेता टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अम्बिकापुर में बाजार बंद कराया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इस बंद में कारोबारी संगठनों ने वाहन संचालकों ने भी भागीदारी की। प्रदेशभर में कहीं से हिंसा की खबर नहीं है। कांकेर में एक व्यापारी और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में बहस होने के बाद स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने बंद का विरोध किया।
राज्य सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों से वैट कम कर उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी है। सोमवार शाम मुख्यमंत्री निवास में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस पर चर्चा नहीं हुई। बताया जा रहा है, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यों को ऐसा करने का सुझाव दिया था। सीएम डॉ. रमन सिंह ने रविवार रात प्रदेश में वैट की दरें सभी राज्यों से कम बताकर इसे टालने के संकेत दे दिए थे। भारत का असर कई राज्यों में देखने को मिला आंध्रप्रदेश में सरकार ने पेट्रोलियम पर वैट घटा दिया है। पर छत्तीसगढ़ में राज्य कैबिनेट के सामने यह प्रस्ताव व अभी टाल दिया गया है।