रायपुर

जेरिकेन में खुलेआम पेट्रोल-डीजल बिक्री! निमोचा पंप का वीडियो वायरल, रायपुर प्रशासन पर सवाल

Petrol-Diesel Black Market in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासन की ढिलाई के चलते कई पेट्रोल पंपों पर अनियमित बिक्री के आरोप लग रहे हैं।
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Jun 03, 2026
Petrol-Diesel Black Marketing
जेरिकेन में खुलेआम पेट्रोल-डीजल बिक्री! (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर @हिमांशु शर्मा। Petrol-Diesel Black Marketing: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजरी थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ढिलाई के कारण पेट्रोल पंप संचालक धड़ल्ले से ब्लैक में पेट्रोल-डीजल बेच रहे हैं। इसी में एक निमोचा पेट्रोल पंप का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बड़े-बड़़े जैरिकेन में दो गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के भरकर ले जाया जा रहा था। सामने आए वीडियो ने इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निमोचा पेट्रोल पंप का वीडियो वायरल हुआ था

मामला निमोचा स्थित एक पेट्रोल पंप से जुड़ा है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि बड़े-बड़े जेरिकेन में पेट्रोल-डीजल भरा जा रहा है और दो वाहनों में इसे खुलेआम ले जाया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तो हुई, लेकिन कार्रवाई की गति पर सवाल उठने लगे।

जांच के बाद भेजा गया कारण बताओ नोटिस

घटना की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची थी। प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित पेट्रोल पंप संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस के जवाब में संचालक ने अस्पताल के लिए पेट्रोल देने की बात बताई थी। जिसके बाद जवाब असंतोषपूर्ण होने पर विभाग ने कार्रवाई करने के लिए पत्र भेज दिया है। हालांकि विभाग ने इस जवाब को असंतोषजनक माना और मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

अब ऑयल कंपनी को भी लिखा गया पत्र

खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब संबंधित ऑयल कंपनी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। विभाग का कहना है कि सिर्फ नोटिस जारी करने से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है, इसलिए अब कंपनी स्तर पर सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।

नोटिस-नोटिस खेल रहा खाद्य विभाग

भूपेंद्र मिश्रा, खाद्य नियंत्रक रायपुर के मुताबिक, इसी तरह शंकर नगर के स्थित राइजेन और अंजार फ्यूल का मामला सामने आया है। इसमें लोगों को महंगा पॉवर पेट्रोल खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। निमोचा पेट्रोेल पंप का जवाब असंतोषपूर्ण मिला है, इसलिए ऑयल कंपनी को कार्रवाई करने पत्र भेजा है। शंकर नगर स्थित दोनों पेट्रोल पंप संचालक को भी नोटिस भेजा गया। जवाब के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रहे मामलों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल, पूरा मामला जांच और पत्राचार तक ही सीमित नजर आ रहा है, जबकि पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर अंकुश लगना अभी भी चुनौती बना हुआ है।

Updated on:
03 Jun 2026 02:20 pm
Published on:
03 Jun 2026 02:20 pm