रायपुर

कोरोना के संभावित तीसरी लहर के बीच बच्चों में वायरल फीवर के साथ दिखे ये लक्षण, तो न करें अनदेखी

Viral Fever: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच वायरल फीवर, डायरिया और डेंगू का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अुनसार 7 दिनों (2 से 8 सितंबर) में 10 बच्चे (5 से 12 वर्ष के बीच) डेंगू से पीड़ित हुए हैं।
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Sep 11, 2021
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रायपुर. Viral Fever: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच वायरल फीवर, डायरिया और डेंगू का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अुनसार 7 दिनों (2 से 8 सितंबर) में 10 बच्चे (5 से 12 वर्ष के बीच) डेंगू से पीड़ित हुए हैं, जिसमें से 5 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दो दिन अवकाश होने के कारण मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य विभाग को डेंगू की रिपोर्ट नहीं मिली है। एम्स, आंबेडकर अस्पताल तथा जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल फीवर मरीजों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है। जिला अस्पताल, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में भी वायरल फीवर के मरीजों की भीड़ लग रही है। शासकीय अस्पतालों में एहतियातन डेंगू, मलेरिया के साथ कोरोना जांच की जा रही है। कोरोना और डेंगू दोनों के बाहरी लक्षणों में तो समानता है ही, इनमें प्लेटलेट्स भी तेजी से नीचे गिरती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के शिकार बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी कमजोर होने से बच्चों को सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार जकड़ लेता है। छोटे बच्चों में यदि ऐसी बीमारी होती है तो उसे अनदेखी करने की बजाए तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण के खतरे और तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए खास ध्यान देना जरूरी है।

अब तक 372 मिल चुके हैं डेंगू मरीज
रायपुर में अब तक डेंगू के 372 मरीज मिल चुके हैं, हालांकि यह आंकड़ा 500 होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। 4 मौतें भी हुई हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इससे इनकार किया है। औसतन रोजाना 7 डेंगू मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं। वर्ष-2019 में 100 तथा वर्ष-2020 में 11 डेंगू के मरीज मिले थे। इस साल अप्रैल-मई में एक भी केस नहीं मिले, लेकिन जून शुरू होते ही सिलसिला शुरू हो गया। जुलाई में 47 केस रिपोर्ट हुए। वहीं, अगस्त में 200 से ज्यादा मरीज मिले। सितंबर के 9 दिनों में 55 मिल चुके हैं।

डिस्ट्रिक्ट चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. निलय मोझरकर ने कहा, ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार, डायरिया से पीड़ित ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। बच्चों के साथ आने वाले परिजनों से पूरी हिस्ट्री ली जाती है। डेंगू व मलेरिया जांच कराया जा रहा है।

रायपुर सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने कहा, शासकीय व निजी अस्पतालों के ओपीडी व आईपीडी में सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों का कोरोना व डेंगू टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू मरीजों के लिए आयुर्वेदिक परिसर में 10 विस्तरीय वार्ड आरक्षित किया गया है।

डेंगू और वायरल संक्रमण के लक्षण
1. वायरल में नाक बहना, गले में दर्द, शरीर में हल्का दर्द, कमजोरी हो सकती है।
2. डेंगू में 24 से 48 घंटे के भीतर तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, जोड़ों में दर्द और पूरे शरीर पर चकते (त्वचा पर निकलने वाले गुलाबी रंग के दाने) हो सकते हैं।
3. वायरल बुखार के मामले में शरीर का तापमान 101 डिग्री फारेनहाइट या 103 डिग्री फारेनहाइट तक नहीं पहुंचता है।
4. डेंगू पीड़ित के शरीर का तापमान 103 डिग्री से 104 डिग्री फारेनहाइट तक हो सकता है।

Updated on:
11 Sept 2021 01:27 pm
Published on:
11 Sept 2021 01:27 pm