
ताबीर हुसैन @ रायपुर. सीडी के दौर के बाद कोरोना ने फिल्म इंडस्ट्री को प्रभावित किया था। आज आपको छालीवुड के एक ऐसे डाउनफॉल की घटना बता रहे हैं जब सिनेमाघर संचालक छत्तीसगढ़ी फिल्म लगाने से हिचकिचाने लगे थे। वजह थी फिल्मों का लगातार फ्लाप होना। डिस्ट्रीब्यूटर तरुण सोनी बताते हैं, साल 2015 में उत्तम तिवारी निर्देशित राजा छत्तीसगढिय़ा रिलीज हुई। मैंने प्रदेशभर के 40 सिनेमाघर वालों से बात की और फिल्म लगाने का आग्रह किया। उन दिनों डाउनफॉल चल रहा था। 40 में से सिर्फ चार ने इंट्रेस्ट दिखाया। लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो अच्छी ओपनिंग साबित हुई। नतीजा ये हुआ कि अगले दिन सारे टॉकीज वाले मुझसे फिल्म मांगने लगे। आगे चलकर यह फिल्म पार्ट-2 में बनी।
कई कारण होते हैं फिल्म की सफलता के
निर्देशक उत्तम तिवारी कहते हैं, किसी भी फिल्म की सफलता या असफलता के कई कारण होते हैं। कई बार फिल्म में सबकुछ अच्छा हो तब भी वह चल नहीं पाती। देश-काल परिस्थितयों के हिसाब से सबकुछ बदलता रहता है। कई बार तो टाइमिंग का असर पड़ता है।
मया के बाद कोई डाउनफॉल नहीं आया
डायरेक्टर सतीश जैन कहते हैं, झन भूलो मां-बाप ल के बाद मैंने फिल्म बनाना बंद कर दिया था। इक्का-दुक्का फिल्में आईं लेकिन कुछ कमाल नहीं दिखा सकीं। इंडस्ट्री पूरी तरह बैठ गई थी। साल 2009 में मया रिलीज हुई। इसका लेखक और निर्देशक मैं था। इस फिल्म से इंडस्ट्री इतनी उठी सभी को विश्वास हो गया कि छालीवुड जिंदा है। इसलिए कहा जा सकता है कि मया ने इंडस्ट्री को पुनर्जीवित किया। फिल्म ने अच्छा बिजनेस भी किया था।