इसकी जानकारी जब युवक को हुई तो उसके पैरो तले जमीन ही सिखक गई।
रायपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। यहां एक जिंदा शख्स को मृत घोषित कर तीन दिन में उसका जन्म प्रमाण जारी कर फिर से उसका पुर्नजन्म होने का दावा पेश कर दिया। इसकी जानकारी जब युवक को हुई तो उसके पैरो तले जमीन ही सिखक गई। आपको जानकार हैरानी होगी ये कारनामा खुद युवक ने नहीं बल्कि गांव के ही सरपंच सचिव की एक बड़ी सजिश थी।
जमीन की लालच में सरपंच सचिव ने जीवित आदमी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। वहीं, फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बाद तीन दिन के बाद ही उस युवक का जन्म प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। पुलिस ने इस मामले से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हैरान रह गए तहसीलदार
यह मामला जब तहसीलदार के पास पहुंच तो हड़कंप मच गया। इसके बाद इस मामले को तहसीलदार न्यायालय में पेश किया गया। जहां फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के मामले में तहसीलदार के रिपोर्ट पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ अगस्त 2017 में अपराध दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी कर ली हैं, वहीं 4 अन्य आरोपी अब भी फरार है। मामला छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र का है।
यह है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक मनोरा तहसील के सोनक्यारी गांव के निवासी महानंद राम ने 12 मई 2017 को कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया कि उसने अपने 5 एकड़ जमीन को कुसमी निवासी राधिका भगत पति प्राण शंकर को बेचा था। रजिस्ट्री के बाद मनोरा के तहसील कार्यालय में जमीन के नामातंरण का प्रकरण विचाराधीन था।
शिकायतकर्ता महानंद राम के मुताबिक इस प्रकरण के दौरान मामले के आरोपी विजय कुमार नामदेव, राजदेव राम, कृष्णा राम, मोती लाल और फिरदियुस ने ठुरू राम पिता लाल राम का जन्म प्रमाण पत्र सिर्फ मौखिक जानकारी के आधार पर बिना किसी दस्तावेज के जारी कर दिया गया।
ऐसे बनाया था फर्जी प्रमाण-पत्र
तहसीलदार के द्वारा किए गए जांच से स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने ठुरू राम के नाम से आधार कॉर्ड बनाने के लिए एक सादा कागज में भी हस्ताक्षर कराया गया था। कलक्टर के बाद इस पूरे मामले की जांच करने के उपरांत मनोरा के तहसीलदार परमेश्वर लाल मंडावी ने करदना सचिव कृष्ण राम पिता सुखु राम, करदना सरपंच फिरदियुस पिता एतस राम, कुसमी जिला के पंचायत सचिव राजदेव एवं विजय नागदेव एवं मोतीलाल पिता रामचंदर खिलाफ सन्ना थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया है।
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बाद बना दिया था जन्म प्रमाण पत्र
जीवित युवक को मृत बता कर जमीन की फर्जीवाड़ा करने के लिए करदना के सरपंच और सचिव ने मौखिक सूचना पर बिना जांच पड़ताल किए अलग-अलग पंचायत क्षेत्र से महानंद राम का जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस मामले में सोनक्यारी निवासी चमर साय,सुमति बाई, रविशंकर विजय राम एवं मोतिलाल ने जमीन की हेराफेरी करने के लिए सरपंच और सचिव की सहायता लेते हुए महानंद राम की मृत्यु और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया था।
यहां बनवाया था प्रमाण-पत्र
ग्रामीणों ने महानंद का मृत्यु प्रमाण पत्र कुसमी जिला बलरामपुर के सेंरगदाग पंचायत के सचिव राजदेव से बनवाया था। जारी करने के पहले सचिव ने इसकी कोई जांच नहीं की और उनके मौखिक बताने पर 2 मार्च 1992 को महानंद राम की मौत होना बताते हुए 10 मार्च 2016 को उसका मृत्यु प्रमाण जारी कर दिया था।
मृत्यु प्रमाण जारी होने जाने के बाद विजय कुमार एवं अन्य लोगों ने करदना के सचिव और सरपंच की मदद से महानंद का जन्म प्रमाण पत्र भी जारी करवा ली। महानंद का जन्म प्रमाण में उसकी जन्म तिथि 15 अक्टुबर 1966 दर्ज किया गया है और प्रमाण पत्र को 14 मार्च 2016 को करदना के पंचायत सचिव ने अपने हस्ताक्षर से जारी कर दिया था।