छोटे भाई विनोद, भतीजी वैशाली के साथ ही अपने कलेजे के टुकडे 16 वर्षीय पुत्र मयंक को भी मुखाग्नि दी.
रायसेन. जिले में ऐसा दर्दनाक नजारा इससे पहले कभी नहीं दिखाई दिया था. जब सुबह—सुबह एक ही घर से एक साथ चार अर्थियां उठीं तो हर कोई रो पड़ा. सुल्तानपुर के वंशकार परिवार ने कार हादसे में मानो सबकुछ खो दिया. इस परिवार ने पहले अपनी मां को खो दिया, उसके बाद पिता की अस्थि विसर्जन कर लौट रहे 4 अन्य परिजन भी साथ छोड़ गए.
परिवार के 14 सदस्य वापस आ रहे थे तभी रीवा जिले के सिंगल किटवारिया बायपास पर उनका एक्सीडेंट हो गया. शुक्रवार देर रात हुए इस हादसे में मानो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. हादसे में विनोद वंशकार (27), शशि वंशकार (50), मयंक (16) और वैशाली वंशकार की मौत हो गई थी.
रविवार सुबह करीब 7:00 बजे घर से एक साथ चार अर्थी उठीं. परिजनों का तो रो-रो कर बुरा हाल हो गया.पड़ोसियों और रिश्तेदारों के भी आंसू थम नहीं रहे थे. चार अर्थियां एक साथ देखकर रास्ते में जा रहे लोगों की भी रूह कांप गई. यह नजारा जिसने भी देखा, वह दुखी हो उठा. अंतिम संस्कार में बडी संख्या में लोग शामिल हुए.
श्मशान घाट पर सभी परिजनों की एक साथ ही अंत्येष्टि की गई. वंशकार परिवार के बड़े बेटे होने के नाते कमलेश वंशकार ने छोटे भाई विनोद,भतीजी वैशाली के साथ ही अपने कलेजे के टुकडे 16 वर्षीय पुत्र मयंक को भी मुखाग्नि दी. इससे पहले शनिवार को पीएम के बाद शवों को दो एंबुलेंस से सुल्तानपुर भेजा गया था जोकि देर रात करीब 3 बजे सुल्तानपुर पहुंचे.