
रायसेन। अब बच्चे के गर्भ में आते ही अफसर ऑनलाइन ट्रेकिंग के जरिए उसका ध्यान रखना शुरू कर देंगे। जन्म के बाद तीन साल तक बच्चों की देखभाल की जाएगी। शहर सहित जिलेभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ विभाग के अन्य अधिकारियों की टीम बच्चों के वजन पर भी पूरा ध्यान रखेंगे। वजन कम होते ही जरूरत के हिसाब से उसे पोषण आहार दिया जाएगा। साथ ही उनका इलाज भी किया जाएगा। यह सब ऑनलाइन सिस्टम के जरिए होगा। ज्यादातर बच्चों में पोषण की समस्या गर्भ में आते ही शुरू हो जाती है। गर्भवती मां को समय पर पोषण आहार नहीं मिलने से उसमें खून की कमी आ जाती है। जन्म के समय मां को प्रसव संबंधी व जन्म के बाद बच्चे को पोषण संबंधी समस्या होती है। इसे रोकने के लिए ऑनलाइन टै्रकिंग सिस्टम तैयार कराया गया है।
महिला का नाम जुड़ेगा
इसमें महिला के गर्भवती होते ही उसका नाम जोड़ दिया जाएगा। हर महीने महिला का वजन लिया जाएगा। इसे लगातार अपडेट भी किया जाएगा। बच्चे का वजन कम होने या गर्भ के दौरान प्राकृतिक रूप से वजन नहीं बढऩे की जानकारी भी सामने आ जाएगी। ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम में रंगों के आधार पर इसे दर्शाया जाएगा। इसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी इसमें शामिल होकर देख सकेंगे।
ट्रैकिंग से होगा फायदा
इसके तहत बच्चों के गर्भ में आते ही उसके पोषण का ख्याल रखा जाएगा। वहीं गर्भवती का वजन हर महीने अपडेट किया जाएगा। इससे वजन कम होने की जानकारी मिलते ही समय पर उपचार भी हो सकेगा। जन्म के बाद नवजात शिशु सिस्टम में आ जाएगा। बच्चे का वजन कम होने पर उसे चिन्हित किया जाएगा।
पुख्ता सिस्टम नहीं
वर्तमान में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को ट्रैक करने के लिए पुख्ता सिस्टम नहीं है। वजन, टीकाकरण, पोषण आहार देने का काम हो रहा है। सेहत की जांच पड़ताल भी होती है, लेकिन इसमें कुछ कमी आने पर इसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ स्तर तक नहीं पहुंचती। पर अब महिलाओं या बच्चों में कोई भी कमी आने पर तुरंत जानकारी मिलेगी। जिससे तुरंत उपााय शुरू किए जाएंगे।
- आरसी त्रिपाठी, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी