बरेली ज्यादती मामला: पुलिस ने पांच आरोपियों पर दर्ज नहीं किए प्रकरण
रायसेन. समाज में दिनों दिन होते चारित्रिक पतन को लेकर और समाज में नारी जाति के प्रति बढ़ते जुल्म और ज्यादती से आज आमजन में अपने घर की बहू-बेटियों को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे ही बरेली थाना क्षेत्र में बाग पिपरिया गांव निवासी बारहवीं कक्षा की छात्रा के साथ पिछले दिनों हुए गैंगरेप को लेकर गौर समाज में आक्रोश व्याप्त है। क्योंकि बरेली पुलिस द्वारा पीडि़ता के बयान के बाद भी पांच अन्य आरोपियों को बचाया जा रहा है।
इस प्रकरण को लेकर मंगलवार को जिले के गौर समाज के लोगों ने अब कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि छात्रा की मां हमीदिया अस्पताल में भर्ती थी और एक जुलाई को वह अपने बागपिपरिया स्थित घर पर अकेली थी। इसी दौरान पंडा बम्हौरी निवासी संजू धाकड़ और आकाश धाकड़ मोटर साइकिल लेकर उसके घर आए और उसे अकेला पाकर जबरन बाइक पर बैठाकर बरेली ले गए।
वहां पर आकाश धाकड़ के किराए के मकान पर बंधक बनाकर रखा। उसी रात में लगभग नौ-दस बजे संजू धाकड़, आकाश धाकड़ के अलावा अन्य रामकुमार चौधरी, राहुल धाकड़, संदीप धाकड़, अंकित भार्गव और अन्नू भार्गव ने बारी-बारी से छात्रा के साथ बलात्कार किया। इसके बाद तीन दिनों तक इन सभी ने दुराचार किया। वहीं तीन जुलाई को शाम करीब साढ़े छह बजे किसी तरह कमरे से निकलकर अकेले ही रिपोर्ट लिखवाने बरेली थाने पहुंची। वहां पीडि़ता छात्रा ने आप बीती सुनाते हुए इन सभी आरोपियों के नाम बताए थे।
उपनिरीक्षक ने पीडि़ता को धमकाया
पर यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि एसआई राम सिंह ने पीडि़ता की बात सुनने की बजाए उलटा उसे ही धमकाते हुए कहा कि इतने लड़कों के नाम नहीं बताओ। अन्यथा तुम्हारा केस कमजोर हो जाएगा और दो आरोपी संजू धाकड़, आकाश धाकड़ के नाम ही प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जबकि पांच आरोपी अभी तक स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में समाज के जिलाध्यक्ष कमल गौर, कन्हैयालाल गौर, मुरली मनोहर गौर, शिवनारायण गौर, योगेन्द्र गौर, महेन्द्र गौर, हेमराज गौर, रघुनंदन गौर, थान सिंह पटेल, सतीश गौर सहित समाज के अनेक लोग शामिल थे।