रायसेन

नसबंदी फेल, लोक लाज में बच्चे को झाड़ियों में फेंक आई मां, 48 घंटे खुले में बिलखता रहा नवजात

MP News: कड़ाके की ठंड में महेंद्र पटेल के खेत में मिला नवजात, 48 घंटे आसमान के नीचे खुले में पड़े रहने से शरीर पर पड़े घाव...

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Jan 28, 2026
Newborn found in bushes

MP News: इसे सिस्टम की नाकामी कहें या सामाजिक विवशता। पांच बच्चों की मां को जब छठवां बच्चा हुआ तो, उसने गरीबी, लोकलाज और समाज के तानों से बचने ममता का गला घोंट दिया। बच्चे को झाडिय़ों में फेंक दिया। हैरान करने वाली बात कि महिला ने नसबंदी करवाई थी, बावजूद ऑपरेशन फेल हो गया।

मामला जिले के रायसेन जिले के सिलवानी का है। सोमवार को कड़ाके की ठंड में महेंद्र पटेल के खेत में नवजात बच्चा मिला। कंटीली झाड़ियों के बीच वह 48 घंटे तक मौत से जंग लड़ता रहा। मामले ने सामाजिक विवशता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बच्चे की रोने की अवाज सुन ग्रामीण पहुंचे तो नवजात झाड़ियों के बीच पड़ा था। सूचना पर पुलिस पहुंची और मासूम को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, दो दिन खुले में पड़े रहने से पैरों में गहरे घाव हो गए थे।

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जांच शुरू

सिलवानी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास गांवों, अस्पतालों और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि इसी गांव की एक महिला शनिवार को अधिक रक्तस्राव की समस्या लेकर सिविल अस्पताल सिलवानी आई थी, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रायसेन रेफर किया गया था। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जब गांव पहुंची तो उक्त महिला अपने घर पर मिली।

तीन बच्चों के बाद कराई नसबंदी, गर्भ ठहरा

पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने नवजात को फेंकने की बात स्वीकार की। उसने बताया, दो दिन पहले घर पर बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसने बच्चे को झाडिय़ों में छोड़ दिया। उसके पहले से पांच बच्चे हैं। 3 बच्चों के बाद नसबंदी कराई थी। इसके बावजूद गर्भ ठहर गया।

पिता हिरासत में, मां अस्पताल में भर्ती

मामले ने नसबंदी योजनाओं पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने नवजात की मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पिता हिरासत में है। बाल कल्याण समिति पूरे मामले की निगरानी कर रही है। पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुटी है। महिला के बेहोश होने के कारण यह पता नहीं चल सका कि उसने नसबंदी कहां और कब कराई थी।

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Published on:
28 Jan 2026 09:44 am
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