रायसेन

Raisen Jail Firing: जेल में पहुंच रहा देसी कट्टा और गुटखा-मोबाइल ! गर्लफ्रेंड के लिए ली थी जान, दोबारा फिर किया क्राइम

Jail Prisoner Shoots Guard: रायसेन जिला जेल कांड में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के अंदर हथियार, कारतूस और मोबाइल कैसे पहुंचे, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
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Updated: 4 Sep 2026, 10:52 AM IST
प्रोडक्शन वारंट पर निलेश को लेगी पुलिस (Photo Source - Patrika)
प्रोडक्शन वारंट पर निलेश को लेगी पुलिस (Photo Source - Patrika)

Raisen Jail Prisoner Shoots Guard: मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल के भीतर हत्या के आरोपी तक देसी कट्टा, कारतूस और मोबाइल कैसे पहुंचा? जेल प्रहरी पर गोली चलाकर फरार होने का प्रयास करने वाले आरोपी निलेश ठाकुर से पूछताछ के बाद ही इस सबसे बड़े सवाल का जवाब सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेने के लिए न्यायालय में आवेदन किया है। आवेदन पर 7 सितंबर को वारंट मिलने की संभावना है। इसके बाद कोतवाली पुलिस आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर हथियार के स्रोत और जेल के भीतर उसकी पहुंच के संबंध में पूछताछ करेगी।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

निलेश ठाकुर ने बुधवार सुबह जेल से फरार होने की कोशिश के दौरान प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर देसी कट्टे से फायर किया था। गोली प्रहरी की कमर के ऊपरी हिस्से में लगी थी। गंभीर रूप से घायल प्रहरी को उपचार के लिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया और उसके कब्जे से देसी कट्टा, चार कारतूस, एक मोबाइल फोन तथा गुटखा बरामद होने की जानकारी सामने आई है। घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बीच हत्या के आरोपी तक हथियार, कारतूस और मोबाइल पहुंचा कैसे। पुलिस जांच अब केवल गोली चलाने की घटना तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी को हथियार किसने उपलब्ध कराया, वह जेल के अंदर किस माध्यम से पहुंचा और इसमें किसी बाहरी अथवा आंतरिक व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।

जेल प्रशासन पर भी कार्रवाई

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी के पास मिले देसी कट्टे में एक ही गोली थी और उसी से उसने प्रहरी पर फायर किया। घटना के समय उसके पास मिले अन्य सामानों को लेकर भी जांच की जाएगी। पुलिस को संदेह है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचने के पीछे किसी स्तर पर सुरक्षा में चूक अथवा सहयोग की संभावना हो सकती है। घटना के बाद जेल प्रशासन पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। जेलर आरके चौरे को बुधवार को ही निलंबित कर दिया गया था। अब जांच की दिशा जेल की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और तलाशी प्रक्रिया तथा आरोपी की गतिविधियों की ओर भी बढ़ गई है।

पहले प्रेमिका के विवाद में की थी हत्या

निलेश ठाकुर पहले से ही हत्या के मामले में जिला जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार 23 अक्टूबर 2025 को उसने रायसेन के वार्ड-11 पटेल नगर निवासी नेपाल सिंह धाकड़ को गोली मार दी थी। बताया गया कि एक युवती को लेकर दोनों के बीच विवाद था। पुलिस के अनुसार निलेश ने नेपाल सिंह को पहले चेतावनी दी थी और बाद में उसको मार दिया। कोतवाली पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर निलेश को गिरफ्तार किया था।

अनुमति के बाद होगी पूछताछ

एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि निलेश ठाकुर पहले से हत्या के मामले में जेल में बंद था और अब उसके खिलाफ जेल प्रहरी पर गोली चलाने का प्रकरण भी दर्ज किया गया है। न्यायालय की अनुमति लेकर आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाएगा। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के अनुसार अनुमति मिलने के बाद कोतवाली पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हथियार के स्रोत और घटना से जुड़े अन्य बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि जेल की सलाखों के पीछे बंद एक हत्या आरोपी के हाथ तक कट्टा आखिर पहुंचा कैसे ?

प्रोडक्शन वारंट पर होने वाली पूछताछ से इस सनसनीखेज वारदात के पीछे के संभावित सहयोगियों और जेल सुरक्षा में हुई चूक का राज खुलने की उम्मीद है। एसडीएम मनीष शर्मा ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होगा। उल्लेखनीय है पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले में जिला जेल में सुरक्षा इंतजामों में खामियों और सुरक्षा में सेंध को लेकर आश्वस्त है, लेकिन जांच के पहले कोई कुछ खुलकर बताने की स्थिति में नहीं है।

Updated on:
4 Sep 2026, 10:52 AM IST
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