रायसेन

औबेदुल्लागंज में ‘2 करोड़’ की लागत से 6 महीने में तैयार होगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बनेंगी 64 पक्की दुकानें

Shopping Complex Tender: नगर परिषद को बस स्टैंड के अंदर 64 आरसीसी दुकानें बनाने की सभी अनुमतियां मिल गई हैं। दो करोड़ की लागत से टेंडर जारी हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलेगा।
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Sep 24, 2026
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

MP News:मध्यप्रदेश में नगर परिषद औबेदुल्लागंज बस स्टैंड के अंदर 64 आरसीसी दुकानें बनाने जा रही है। दुकान निर्माण के लिए तकनीकि स्वीकृति में निर्देशित सभी अनुमतियां नगर परिषद को मिल चुकी हैं। अनुमतियां मिलने के बाद नगर परिषद के बस स्टैंड के अंदर दुकान बनाने का रास्ता साफ हो गया है। नप ने डेढ़ साल पहले नगर के मुख्य मार्गों के साथ बस स्टैंड पर अवैध दुकानों के कब्जे हटाए थे। परिषद दुकान बनाने की अनुमतियां लेने के लिए प्रयास कर रही है।

वहीं अब डेढ़ साल बाद परिषद को बस स्टैंड के अंदर 64 पक्की दुकानें बनाने की सभी अनुमतियां विभागों से मिल गई हैं। दुकान निर्माण के लिए परिषद ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। अगस्त में यह टेंडर खुलने हैं और ठेकेदार को छह माह में दुकान निर्माण करके देना होगा। दो करोड़ की लागत से यह दुकानों का निर्माण होगा। दुकानों के निर्माण होने के बाद सैकड़ों परिवारों को इसका लाभ मिल पाएगा।

टीएंडसीपी की अनुमति मिली

सीएमओ किरण राहंगडाले ने बताया कि दुकान निर्माण के लिए सभी अनुमतियां मिल गई हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे की जगह से हटकर दुकानों का निर्माण किया जाएगा। बता दें कि नगर परिषद को जब संचालनालय किसी निर्माण की तकनीकि स्वीकृति देता है तो वह उसके नीचे किस-किस विभाग की अनुमति लेने है, इसकी भी शर्त देता है। शर्त में लिखा होता है कि यदि यह सभी अनुमतियां अन्य विभागों से प्राप्त नहीं की, तो यह तकनीकि स्वीकृति निरस्त मानी जाएगी।

दो मंजिला भवन की नहीं मिली टीएंडसीपी

ढाई साल पहले नगर परिषद ने तकनीकि स्वीकृति मिलने के बाद उसके दिए निर्देशों को हवा में उड़ाते हुए नगर परिषद के सामने दुकानों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। एक करोड़ रुपए खर्च करने के बाद जब नगर परिषद को भोपाल से टीएंडसीपी की अनुमति नहीं मिली, तो दो मंजिला दुकानों का कार्य रोकना पड़ा। प्रशासन ने भी राजस्व की जमीन का भू-भाटक उसी शर्त पर पचास लाख रुपए जमा करने के निर्देश दिए थे कि दुकानों की टीएंडसीपी आ जाए। अब एक करोड़ खर्च करने के बाद जनप्रतिनिधियों पर ऑडिट की आपत्ति आने की तलवार लटक गई है।

Updated on:
24 Sept 2026 08:59 am
Published on:
24 Sept 2026 08:59 am