
Rajgarh Python Rescue: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के समीपस्थ ग्राम पनाली में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में पशुओं के चारे के लिए मक्का काट रहे एक किसान की नजर अचानक विशाल अजगर पर पड़ी। करीब 10 फीट लंबे अजगर को देखकर किसान घबरा गया और शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, अजगर किसी छोटे जानवर का शिकार कर खेत में आराम कर रहा था।
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ग्रामीणों के अनुसार अजगर पहले ही किसी छोटे जानवर को निगल चुका था, जिसके कारण उसका पेट फूला हुआ दिखाई दे रहा था। भारी शरीर के कारण वह धीमी गति से खेत में सरक रहा था। अजगर के आबादी के नजदीक पहुंचने से लोगों में डर का माहौल बन गया। सुबह करीब 9 बजे घटना की सूचना पर करनवास थाने के डायल-112 और देहात टीम के साथ ब्यावरा का एक वन कर्मी मौके पर पहुंचा। वनकर्मी घिसालाल और करनवास डायल-112 के पायलट अंकित यादव और देहात के कपिल यादव ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साधनों और बोरी की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा। टीम ने सूझबूझ और सावधानी के साथ अजगर को सुरक्षित काबू में कर लिया। अजगर के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
अजगर को पकड़ने के बाद पुलिस की गाड़ी से वन कर्मी अजगर को ब्यावरा लाया, जहां से चिड़ीखो अभ्यारण्य ले जाकर छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के दौरान एक बड़ी समस्या सामने आई, वन अमले के पास पर्याप्त संसाधन ही नहीं थे। न स्नेक कैचर उपलब्ध था, न अजगर को सुरक्षित रखने के लिए पिंजरा और न ही अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद वनकर्मी और पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। सांप पकड़ने वाले कैचर से दस फीट लंबे विशाल अजगर को पकड़ा। जिससे काफी परेशानी हुई।
वहीं मामले को लेकर वन विभाग के कुछ अधिकारी खुद की उपलब्धि बताने में लगे रहे। उड़नदस्ता टीम के देवकरण भिलाला का दावा है कि हमारी टीम मौके पर पहुंच गई थी, खेत के बगल खड़े होकर ग्रामीणों और टीम को दिशा-निर्देश दे रहे थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि केवल एक वनकर्मी पुलिस वाहन से मौके पर पहुंचा था। वन अधिकारियों का दावा है कि रेस्क्यू अभियान में विभाग के देवकरण भिलाला, बनेसिंह, सुमेर और घिसलाल शामिल रहे। हालांकि ये टीम अजगर को ब्यावरा कार्यालय से नरसिंहगढ़ चिड़ीखो छोड़ने जरूर गई।