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बीजेपी नेता और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को 3 महीने की सजा, राजगढ़ में नर्स से की थी मारपीट

BJP Leader Vinod Sahu: जिला अस्पताल में हुआ था विवाद, फावड़ा लेकर हमला करने पहुंचे थे नपा अध्यक्ष विनोद साहू, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीन महीने के साधारण कारावास के साथ एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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municipality president bjp leader vinod sahu nurse assault case court verdict, बीजेपी नेता विनोद साहू को तीन महीने की सजा (source-patrika)

Rajgarh BJP Leader Vinod Sahu: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स के साथ मारपीट के मामले में बीजेपी नेता और नगर पालिका अध्यक्ष को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत उन्हें तीन माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत ने उन्हें अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से बरी कर दिया।

रेलिंग निर्माण को लेकर हुआ था विवाद

घटना 16 जून 2024 की है, जिला अस्पताल परिसर स्थित शासकीय आवासों के सामने रेलिंग निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान निर्माण कार्य और उसके स्वरूप को लेकर नर्स मीनाक्षी कुबड़े और नपा अध्यक्ष विनोद साहू के बीच विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया।

नर्स ने लगाया था मारपीट और धमकी का आरोप

नर्स मीनाक्षी कुबड़े ने शिकायत में आरोप लगाया था कि विवाद के दौरान उनके साथ हाथ-थप्पड़ों से मारपीट की गई। शिकायत में फावड़े से हमला करने, अश्लील गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।

मेडिकल रिपोर्ट और वीडियो बने अहम साक्ष्य

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शिकायतकर्ता, प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सक और विवेचक के बयान कराए गए। मेडिकल रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के हाथ में चोट आने की पुष्टि हुई। इसके अलावा घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों का भी न्यायालय ने परीक्षण किया।

मारपीट साबित, अन्य आरोप सिद्ध नहीं हुए

सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने माना कि शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की घटना प्रमाणित होती है। इसी आधार पर विनोद साहू को धारा 323 के तहत दोषी ठहराया गया। हालांकि अदालत ने यह भी माना कि अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके, इसलिए उन्हें धारा 294 और धारा 506 भाग-2 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया।

क्या था पूरा मामला?

जिला अस्पताल परिसर स्थित शासकीय आवासों के सामने रेलिंग निर्माण का कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य को लेकर नर्स मीनाक्षी कुबड़े और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू के बीच विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर मारपीट होने के आरोप लगे और मामला पुलिस तक पहुंचा। नर्स ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब दो वर्ष चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने मारपीट का आरोप प्रमाणित माना, जबकि गाली-गलौज और धमकी के आरोप साबित नहीं हो सके।