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एमपी से दूल्हा-दुल्हन को उठाकर झारखंड ले गई पुलिस, ‘आधार कार्ड’ बना कारण, उम्र की होगी जांच

Marriage Fraud: लड़का-लड़की की शादी कराने के लिए बिचौलिए ने दो लाख रुपए लिए थे, लेकिन अब पुलिस पहली लड़की की सही उम्र की जांच करेगी।
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Marriage Fraud: पुलिस युवती और उसके पति को अपने साथ ले गई। (Photo Source - Patrika)

Marriage Fraud: पुलिस युवती और उसके पति को अपने साथ ले गई। (Photo Source - AI image)

राजेश विश्वकर्मा, राजगढ़

Marriage Fraud in Rajgarh:एमपी के राजगढ़ जिले में शादी के नाम पर कथित ठगी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए विवाह कराने का मामला सामने आया है। खुजनेर क्षेत्र के ग्राम बांसखेड़ा निवासी एक युवक की आठ माह पहले झारखंड की युवती से शादी कराई गई थी। अब युवती के परिजनों ने उसे नाबालिग बताते हुए झारखंड में अपहरण की शिकायत दर्ज करा दी है। इसके बाद झारखंड पुलिस रविवार को खुजनेर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से युवती और उसके पति को अपने साथ ले गई।

ये है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार बांसखेड़ा निवासी युवक रंगलाल की शादी अक्टूबर 2025 में झारखंड की एक युवती से कराई गई थी। आरोप है कि शादी कराने के एवज में बिचौलियों द्वारा करीब दो लाख रुपए लिए गए थे। विवाह के दौरान युवती का आधार कार्ड भी प्रस्तुत किया गया था। बताया जा रहा है कि जून माह में युवती के माता-पिता ने झारखंड के भगवानपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपनी बेटी को नाबालिग बताया और उसके अपहरण की आशंका जताई।

पति को अपने साथ थाने लेकर आई

शिकायत के आधार पर झारखंड पुलिस ने मामले में शामिल दो युवकों और एक महिला को हिरासत में लिया। उक्त महिला खुद को युवती की मौसी बता रही थी। रविवार को झारखंड पुलिस उक्त महिला के साथ खुजनेर थाने पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से बांसखेड़ा गांव जाकर युवती और उसके पति को अपने साथ थाने लेकर आई। इस दौरान युवती ने पुलिस के सामने कहा कि उसकी शादी उसकी रिश्तेदारी में रहने वाली महिला के माध्यम से हुई थी और वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। युवती ने अपनी उम्र 21 वर्ष बताई।

फर्जी दस्तावेज लगाए, बोली- पति के साथ रहना

इधर जैसे ही युवती और उसके पति को पुलिस थाने लाई, बांसखेड़ा गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण खुजनेर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि युवती अपनी इच्छा से पति के साथ रहना चाहती है तो उसे साथ क्यों ले जाया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि शादी के समय प्रस्तुत किया गया आधार कार्ड फर्जी प्रतीत हो रहा है तथा युवती के पिता ने उसे नाबालिग बताया है। ऐसे में उम्र का सत्यापन और बयान की प्रक्रिया झारखंड में ही पूरी होगी। यदि जांच और दस्तावेजों में युवती बालिग पाई जाती है तो उसके बयान और इच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिले में बाहर रुपए देकर शादी करने का ट्रेंड

राजगढ़ में महिला- पुरुष प्रतिशत प्रति एक हजार पुरुष 956 है। इस आंकड़े के साथ ही जिले में लड़कियों की कमी रहती है। इसीलिए यहां पहले मप्र के बैतूल जिले से लड़कियां लाई जाती थीं। इसके बाद बिहार से रुपए देकर लाने का ट्रेंड शुरू हुआ। यहां रुपए देकर उसके बदले में युवतियों को लाकर बिचौलिए विवाह करवाते हैं। कानून तौर पर यह मामला खरीद-फरोख्त से जुड़ा माना जाता है। इसमें कई बार बिचौलिए नाबालिगों की भी शादी करवा देते हैं। ऐसे असंख्य मामले जिले में सामने आ चुके हैं। यह एक तरह का ट्रेंड जिले में बन चुका है।

इनका कहना है-

लड़के के परिजनों को समझाइश दी गई है कि युवती की उम्र की जांच और उसके बयान झारखंड में होंगे। आगे की कार्रवाई और निर्णय वहीं की पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा। -रवि ठाकुर, थाना प्रभारी, खुजनेर