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‘अपना मोबाइल दिखा’, पुलिसकर्मी का चुका ट्रांसफर, फिर भी ब्यावरा के दुकान में घुसकर मालिक से जबरन मांगा फोन

Illegal Mobile Check- दुकान में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों ने मांगा मोबाइल, व्यापारी ने पूछा- आखिर किस आधार पर होगी जांच? वीडियो वायरल।
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राजगढ़

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Akash Dewani

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Updated: 28 Jun 2026, 8:43 PM IST

businessman accuses byawara police illegal mobile check controversy

Mobile Check Controversy- दुकान में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों ने मांगा मोबाइल (फोटो सोर्स- Patrika)

(रिपोर्ट- राजेश विश्वकर्मा, राजगढ़)

Mobile Check Controversy- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक व्यापारी की दुकान पर रविवार को मोबाइल जांच को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। व्यापारी का आरोप है कि ब्यावरा सिटी थाने के दो पुलिसकर्मी उसकी दुकान पर पहुंचे और मोबाइल चेक करने की बात कही। व्यापारी ने जब मोबाइल जांच का कारण पूछा और आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद व्यापारी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी को शिकायत भेज दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार बस स्टैंड के समीप दुकान संचालित करने वाले आशीष गुप्ता की दुकान पर रविवार को दो पुलिसकर्मी पहुंचे थे। व्यापारी का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल देखने की बात कही। इस पर उन्होंने पूछा कि आखिर किस आधार पर मोबाइल की जांच की जा रही है और वे दुकान के भीतर किस उद्देश्य से पहुंचे हैं। व्यापारी ने पुलिसकर्मियों से यह भी कहा कि वे कोई अवैध गतिविधि या सट्टा संचालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में मोबाइल जांच का आधार स्पष्ट किया जाए। फिलहाल व्यापारी की शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुकी है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि मोबाइल जांच की कार्रवाई नियमानुसार थी या नहीं और तबादले के बाद भी ब्यावरा में मौजूद आरक्षक की भूमिका क्या थी। पूरे घटनाक्रम ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है।

व्यापारी ने एसपी से की शिकायत

घटना के बाद व्यापारी आशीष गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक को उनके व्हाट्सएप नंबर पर शिकायत भेजी। शिकायत में उन्होंने लिखा कि संबंधित पुलिसकर्मी पिछले दो दिनों से उनकी दुकान के चक्कर लगा रहे थे और रविवार को मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित आरक्षक द्वारा उन्हें लगातार फोन किए जा रहे थे, जिससे वे परेशान थे। व्यापारी ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराने की बात कही है।

तबादले के बाद भी ब्यावरा में कैसे आया आरक्षक?

पूरे मामले में एक और सवाल संबंधित आरक्षक की मौजूदगी को लेकर खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार आरक्षक परमेश्वर दास का नाम 22 मई को पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी तबादला सूची में शामिल था और उनका स्थानांतरण सारंगपुर किया जा चुका था। बताया जा रहा है कि उन्हें वहां के लिए रिलीव भी कर दिया गया था। इसके बावजूद रविवार को वे ब्यावरा में कार्रवाई के दौरान मौजूद थे। इसको लेकर व्यापारी ने भी सवाल उठाए हैं।

पुलिस का तर्क : सट्टे और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं

ब्यावरा शहर थाना प्रभारी शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में सट्टा संचालन के छह मामले दर्ज हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी और आईपीएल सट्टे से जुड़े प्रकरण भी दर्ज हैं। इसी आधार पर पुलिस जांच के लिए पहुंची थी। थाना प्रभारी ने बताया कि आरक्षक परमेश्वर दास को सारंगपुर के लिए रिलीव किया जा चुका है, लेकिन मोहर्रम ड्यूटी के कारण उन्हें अस्थायी रूप से ब्यावरा बुलाया गया था।