
Rajgarh Cab Driver Murder Case: दो भाईयों ने मध्यप्रदेश के इंदौर से उज्जैन जाने के लिए कैब किराए पर बुक की। ड्राइवर दोनों भाईयों को कार से उज्जैन लेकर पहुंचा लेकिन वहां महाकाल की पार्किंग में किराए के पैसों को लेकर विवाद हो गया और दोनों भाईयों ने मिलकर कैब ड्राइवर की हत्या कर दी। ड्राइवर की हत्या करने के बाद आरोपी दोनों भाईयों ने शव को कार की डिक्की में रखा और कार को राजगढ़ जिले की ओर लेकर निकल गए। उदनखेड़ी टोल प्लाजा के पास कार छोड़कर दोनों फरार हो गए। बाद में कार से ड्राइवर का शव बरामद हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। अब करीब 3 साल बाद इस मामले में दोनों आरोपी भाईयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
महज 300 रुपए के किराए के विवाद में इंदौर के कैब चालक की हत्या कर शव कार की डिक्की में छिपाने वाले दो सगे भाइयों को द्वितीय अपर सत्र न्यायालय सारंगपुर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को हत्या के साथ साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए अलग-अलग धाराओं में कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। मामला वर्ष 2023 का है। न्यायालय ने ग्राम चुकलिया, थाना मलावर निवासी रवि पिता प्रेम गोस्वामी और दीपक पिता प्रेम गोस्वामी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 201 के तहत दोनों को 7-7 वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
राजगढ़ के कलावार थाना इलाके के रहने वाले दो भाईयों रवि गोस्वामी और प्रेम गोस्वामी ने अंकित शर्मा की कैब इंदौर से उज्जैन के लिए बुक की थी। दोनों इंदौर से कैब में बैठे और फिर रास्ते में ड्राइवर अंकित शर्मा के साथ मिलकर जमकर शराब पी। जब तीनों उज्जैन पहुंचे तो कैब ड्राइवर ने उनसे 2500 रुपए की डिमांड की। जबकि कैब की बुकिंग 2200 में की गई थी। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था।
300 रुपए के विवाद में आरोपियों ने महाकाल की पार्किंग में ही शॉल से गला घोंटकर अंकित की हत्या कर दी। इसके बाद शव कार की डिक्की में रखकर राजगढ़ जिले की ओर निकल गए। उदनखेड़ी टोल प्लाजा के पास कार छोड़कर दोनों फरार हो गए। बाद में कार की डिक्की से चालक का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने जीपीएस लोकेशन, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया था।