Fake Coriander Powder Factory busted: 42 बोरी डंठल, 93 बोरी पिसा हुए बुरादे समेत केमिकल और ग्राइंडर चक्की व तौल कांटा जब्त। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर की कार्रवाई।
(रिपोर्ट- वीरेंद्र जोशी, ब्यावरा)
Fake Coriander Powder Factory busted: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई। ब्यावरा शहर में डंठलों से नकली धनिया पाउडर बनाने वाली फैक्ट्री को सीलकर दिया गया है। पुलिस व खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह यह कार्रवाई की। इसमें 52 बोरी धनिया ठंडल, 92 बोरी पिसा हुआ चूरा और बड़ी मात्रा में धनिया बनाने इस्तेमाल होने वाला केमिकल जब्त किया है। साथ ही मौके से दो लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
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आरोपी धनिया के डंठल को बाजार से कम दाम में खरीदकर इसे पीसकर बुरादा बनाते थे और फिर इसमें केमिकल मिलाकर इससे नकली धनिया पाउडर बनाकर इसे अलग अलग छोटी छोटी पैकिंगों में पैककर बाजार में खपाते थे। शहर थाना टीआइ शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि, मुखबिर की सूचना पर कमला लॉज के पीछे स्थित एक किराए की दुकान में नकली धनिया बनाने की फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर एसआइ विवेक शर्मा के नेतृत्व में पुलिस व खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी।
टीम को मौके पर आरोपी नानकराम वर्मा और गोपाल वर्मा निवासी खानपुरा मिले, जो धनिया के डंठलों को पीसकर उसमें रंग (केमिकल) मिलाकर नकली धनिया पाउडर बना रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस नकली धनिया पाउडर को गिंदौरहाट निवासी आरोपी हजारीलाल वर्मा के जरिए बाजार में खपाते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धाराओं में केस दर्ज कर जांच में लिया है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने फैक्ट्री की तलाशी ली। इसमें 52 बोरी धनिया डंठल, 93 बोरी धनिया डंठल का पिसा हुआ बुरादा चूरा और 06 पैकेट तैयार मिलावटी धनिया जब्त किया है। साथ ही 06 पैकेट रंग (केमिकल), एक ग्राइंडर चक्की, तौल कांटा आदि जब्त किए हैं। जब्तशुदा सामग्री की कीमत पुलिस ने 2 लाख रुपए आंकी है।
डॉ. संतोष भार्गव के अनुसार, मिलावटी धनिया पाउडर खाना सेहत के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। इससे बनाने में इस्तेमाल होने वाले डंठलों से पेट में संक्रमण, गैस, अपच और गंभीर दर्द हो सकता है। इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रंगों या रसायनों की वजह से त्वचा पर चकत्ते और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती है। डॉ. भार्गव के मुताबिक, इसमें उपयोग होने वाले बुरादे और कृत्रिम रंगों का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे लिवर, किडनी को स्थाई नुकसान पहुंच सकता है। डॉ. भार्गव के अनुसार, मिलावट के लिए इस्तेमाल किए गए रसायन या खराब कचरा शरीर में टॉक्सिंस (जहर) बढ़ा सकते हैं जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है।
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