
राजगढ़। भिंयापुरा पंचायत में खोदे जा रहे 13 और ९ लाख के कुएं मजदूरों की जगह मशीनों से खोदे जा रहे थे। जिसकी सूचना एसडीएम ममता खेड़े को सूत्रों से दी गई। ऐसे में कालीपीठ पुलिस रात में ही भिंयापुरा पंचायत के पाटरीकला गांव पहुंची। जहां से जेसीबी तो जा चुकी है। लेकिन तालाब खोदा जा चुका था। ऐसे में पुलिस ने सरपंच पुत्र के खिलाफ १५१ के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं सूचना के बाद सीईओ ने भी गांव का निरीक्षण किया। लेकिन इस संबंध में विभाग स्तर पर क्या कार्रवाई की। इसका खुलासा नहीं हो सका।
इंजीनियर की मिलीभगत-
मजदूरों से होने वाले कार्यो को भिंयापुरा अकेली ऐसी पंचायत नहीं है। जहां मशीनों से काम कराया जा रहा हो। अधिकांश पंचायतों के यही हाल है जहां खुलकर लोग शिकायतें कर रहे है। लेकिन कहीं भी जांच नहीं हो रही। क्योंकि मूल्यांकन करने वाले इंजीनियर भी इस पूरे काम में लिप्त है। कुछ ऐसा ही मामला यहां का भी है। जहां मजदूरों ने बताया कि उनके जॉबकार्ड ले लिए गए और मशीनों से काम हो रहा है।
सीईओ से अभद्रता करने वाले सरपंच पर धारा ४० की कार्रवाई
राजगढ़। जनपद पंचायत जीरापुर के तहत आने वाली खोखरिया पंचायत के सरपंच श्रीलाल ने जीरापुर जनपद पहुंचकर छह नए काम स्वीकृत करने को लेकर सीईओ पर दबाव बनाया। लेकिन जब वे इस दबाव में नहीं आए तो उनके साथ सरपंच ने अभद्रता शुरू कर दी और मारने की बात कही। जिसके बाद सीईओ ने सरपंच के खिलाफ धारा ४० के तहत प्रकरण दर्ज कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीईओ ने बताया कि गांव में पहले ही चार सार्वजनिक कूप, आठ हितैषी कूप और दो कपिलधारा, चार खेल मैदान, तीन सीसी रोड, दो सुदूर सड़क और एक नवीन तालाब का काम लंबे समय से अपूर्ण पड़ा है। ऐसे में नए कार्य दिए जाना ठीक नहीं है।