अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित ने बताया कि उसका अपहरण किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी के घर वालों ने ही किया था।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में 10 दिनों पहले अपहरण किए युवक को मोहनपुरा डैम के पास से बरामद कर लिया गया है। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित ने बताया कि उसका अपहरण किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी के घर वालों ने ही किया था। दरअसल, युवक ने प्रेमिका के घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी कर ली थी। इसी बात से युवती के परिजन नाराज थे। पीड़ित ने ससुराल वालों पर पैसों की मांग करने का भी आरोप लगाया। उसने कहा कि, पैसे नहीं दे पाने पर ससुराल के लोग उसका अपहरण कर मोहनपुरा डैम के पास ले गए। युवक का आरोप है कि उसपर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने का भी प्रयास किया गया है।
आपको बता दें कि ये सनसनीखेज मामला राजगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले गोरियाखेड़ी गांव का है, जहां प्रेम प्रसंग के मामले में सीताराम नाम के युवक को 10 दिन पहले किडनैप कर लिया गया था। प्रेमी जोड़े की शादी से लड़की के परिजन नाराज थे। जिसके बाद कुछ दिनों से लड़की अपने माता-पिता के घर पर ही रह रही थी। सीताराम ने आरोप लगाया कि लड़की के परिजन उससे 2 लाख रुपए मांग रहे थे। उनका कहना था कि, अगर पैसे नहीं दिए तो उसे जान से मार देंगे।
सीताराम का कहना है कि पिछले दिनों वो बस में बैठकर खुजनेर से भोपाल जा रहा था। तभी पचोर के टेंशन चौराहे के पास स्थित ब्रिज के पास 3 लोग बस में चढ़ और उसके पास आकर बैठ गए। देखते ही देखते वो उससे बतचीत करने लगे। इस दौरान मौका पाकर उन्होंने उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद सीताराम को एक बंद कमरे में होश आया। यहां उसके सामने दो-तीन लोग खड़े हुए थे। पीड़ित ने ये भी बताया कि 'बीती 29 तारीख को वही लोग उसे मोहनपुरा डैम के पास ले गए और उसपर पेट्रोल छिड़क दिया। वो एक दूसरे से बातें कर रहे थे कि आज इसे जिंदा जलाकर मार देंगे।'
सीताराम ने बताया कि उसकी जान पर बन आई थी, जिसके चलते उसने वहां से भागने की कोशिश की, इसपर आरोपियों ने उसे पकड़ने के लिए किसी धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया जिससे वो घायल हो गया। बावजूद इसके उसने हिम्मत नहीं हारी और वो वहां से भाग आया। काफी देर पीछे दौड़ने के बाद वो लोग कहीं गायब हो गए।
दोड़ते दोड़ते वो ऐसी जगह पहुंचा, जहां कुछ लोगों ने उसे लहूलुहान हालत में देख लिया। उन्हीं लोगों ने 100 डायल पर फोन किया, साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। इस मामले में राजगढ़ एसपी धर्मराज सिंह का कहना है कि, फिलहाल पीड़ित के बयान के आधार पर जांच शुरु कर दी गई है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार जल्द कार्रवाई की जाएगी।