
Sand Mafia Illegal Mining: मध्य प्रदेश के राजगढ़ में खनन माफिया बेखौफ और बेलगाम हो चुका है। जिले के ब्यावरा क्षेत्र के सुठालिया तहसील के सेमलापार गांव में बड़े पैमाने पर मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यह राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ( Minister of State Narayan Singh Panwar) के पैतृक गांव है। जहां बेखौफ माफिया दबंगाईं के बूते न सिर्फ पार्वती नदी का सीना छलनी कर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं, बल्कि रेत से लदे ट्रैक्टर- ट्रालियों खेतों से निकालकर किसानों की पाइप लाइन व मूंग सहित सब्जी की फसलें भी उजाड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि, खदान तक पहुंचने के लिए जो पारंपरिक रास्ता बना हुआ है वह उबड़- खाबड़ है। ऐसे में माफिया रेत से लदी ट्रैक्टर- ट्रालियों को उनके खेतों से निकलवा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि, जो किसान अपने खेतों से निकल रही ट्रैक्टर व ट्रालियों का विरोध कर रहे हैं डरा व धमकाकर उनके ऊपर हमले किए जा रहे हैं। सेमलापार के बृजमोहन सिंह पंवार सहित ग्रामीणों का आरोप है कि, उन्होंने इसकी लिखित शिकायतें तहसीलदार सुठालिया से भी की है, उन्हें शिकायतों पर अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। बाद में माफिया के लोगों ने शिकायतकर्ता के परिवार के साथ मारपीट तक कर दी। अब फिर से धमकाने के लिए माफिया जहां तक कह रहे हैं कि, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, हम सुठालिया तहसील से लेकर कलेक्टोरेट तक सभी को हिस्सा दे रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण माफियाओं से डरे व सहमे हुए हैं। माफिया अवैध रेत खनन का वीडियो अपने सोशल अकाउंट पर भी बिना दर के अपलोड कर रहे हैं जिसे आप नीचे देखे सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि, पार्वती नदी में सेमलापार पुल के पास महाराजखेड़ा- सेमलापार के बीच की खदान पर माफिया 2-10 की एक पोकलेन मशीन से रेत निकाल रहे हैं। रेत कारोबार से जुड़े लोग बताते हैं कि, एक पोकलेन 24 घंटे में 48 से 50 ट्राली तक रेत निकाल देता है। इस हिसाब से माफिया रोजाना तकरीबन 50 ट्राली तक (प्रति ट्राली 5 हजार रुपए बाजारू कीमत) रेत चोरी कर निकाल रहे हैं। इस हिसाब से माफिया प्रतिदिन 2.50 लाख रुपए कीमत की रेत चुराकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं महीनेभर में करीब 1500 ट्राली यानी 75 लाख रुपए की रेत चुरा रहे हैं। इसके बावजूद भी न तो खनिज विभाग इस पर कार्रवाई कर पा रहा है और न ही प्रशासन ही कोई ध्यान दे रहा है।
सेमलापार के बृजमोहन सिंह पंवार सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि, गोपाल नामक माफिया महाराजखेड़ा खदान के जिस हिस्से में मशीन उतारकर नदी से बेरोकटोक रेत का अवैध उत्खनन करा रहा है। वह जगह सेमलापार पुल से महज 200 से 250 मीटर की ही दूरी पर है। पुल से होकर ब्यावरा- सुठालिया व भोपाल की ओर जाने एवं आने वाले वाहनों से भी यह मशीन व ट्रैक्टर- ट्राली साफ तौर पर नजर आती है लेकिन इसके बाद भी इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाने की स्थिति कहीं न कहीं जिम्मदारों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।
हमारी टीम ने कुछ दिन पहले ही सेमलापार में कार्रवाई की थी, कुछ ट्रैक्टर- ट्राली पकड़े भी है। यदि फिर से शिकायत आई है तो हम पटवारी से जांच कराकर पुलिस के साथ टीम भेजकर फिर से संयुक्त कार्रवाई कराएंगे। - रामनिवास धाकड़, तहसीलदार सुठालिया