राजगढ़

अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों का हमला, खुद को बचाने अर्थी छोड़ भागे लोग

MP News: अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और मृतका की अर्थी तक छोड़नी पड़ी।
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Mar 25, 2026
mp news Bees attack during funeral
mp news Bees attack during funeral अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों का हमला (source: AI Image)

MP News: राजगढ़ के कुरावर क्षेत्र के ग्राम गिलाखेड़ी में अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और मृतका की अर्थी तक छोड़नी पड़ी।

श्मशान स्थल तक पहुंच गया मधुमक्खियों का झुंड

जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय भंवर कुंवर के अंतिम संस्कार के दौरान यह घटना हुई। गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर पीपल के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते को बैंड-बाजे के शोर और अर्थी के आगे लेकर चल रहे कंडे के धुएं से दिक्कत हुई। जिसके बाद मधुमक्खी का छत्ता टूट गया और मधुमक्खियों का झुंड श्मशान स्थल तक पहुंच गया और लोगों पर हमला कर दिया।

तौलिए व कपड़ों से लोगों ने खुद को बचाया

हमले के बाद मौके पर मौजूद लोग तौलिए व कपड़ों से खुद को ढककर बचाव करते रहे। इस दौरान शिवराज राजपूत, रघुवीर सिंह राजपूत, मोहन सिंह, जसवंत सिंह और कमला प्रसाद शर्मा सहित कई लोग डंक लगने से घायल हो गए। मृतका के परिजन भी इसकी चपेट में आए। घायलों को इलाज के लिए कुरावर और पीलूखेड़ी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

दहशत का माहौल

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

100 शामिल थे, अफरा-तफरी मची तो अर्थी उठाने वाले 4 बचे

जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया तो अंतिम संस्कार में शामिल करीब 100 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे। खुद को बचाने के फेर में सभी लोग भाग निकले। महज अर्थी को कंधा देने वाले चार लोग बचे। जिन पर मधुमक्खियों ने हमला कर​ दिया, वे बुरी तरह से घायल हो गए।

दो घंटे बाद सामान्य हुई स्थिति

मधुमक्खियों के हमले के चलते करीब स्थिति करीब दो घंटे बाद सामान्य हो सकी, जिसके बाद दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि पीपल के पेड़ में लगे मधुमक्खी के छत्ते में धुआं और अंतिम संस्कार के आगे चल रहे बैंड-बाजे के कारण दिक्कत हुई। इसी से यह स्थिति निर्मित हुई।

Updated on:
25 Mar 2026 10:31 am
Published on:
25 Mar 2026 10:31 am