
Sugam Samparkta Project Roads Construction: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बरसात आते ही जहां रास्ते दलदल बन जाते हैं और कई गांवों का संपर्क टूट जाता है, वहां अब 101 नई सुदूर सड़कें बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लेकिन सवाल यह भी है कि वर्षों से अधूरी पड़ी सड़को का इंतजार खत्म कब होगा? जिले के सैकड़ो ग्रामीणों के लिए सड़क आज भी विकास नहीं, बल्कि रोज की परेशानी का दूसरा नाम है। कहीं वर्षों से सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है तो कहीं गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल भरे कच्चे रास्तों से गुजरना मजबूरी है।
ऐसे में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 'सुगम संपर्कता परियोजना' ने ग्रामीणो को नई उम्मीद दी है। जिले में 101 सुगम सड़कों के निर्माण का लक्ष्य मिला है, जिनसे पहली बार कई मजरा-टोले और छोटे गांवों को बारहमासी सड़क संपर्क मिल सकेगा। नई योजना ऐसे समय आई है, जब जिले के कई हिस्सों में सड़क निर्माण की अधूरी परियोजनाएं और खराब संपर्क मार्ग ग्रामीणों की नाराजगी का कारण बने हुए है। कई गांवों में सड़कें शुरू तो हुई, लेकिन पूरी नहीं हो सकी। कई जगह सड़कें बनते ही उखड़ गई, जबकि अनेक मजरा-टोले आज भी पक्के रास्ते का इंतजार कर रहे हैं।
योजना के तहत 100 से अधिक आबादी वाले मजरा टोलों, दूरस्थ बस्तियों और गांवों को मुख्य सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ने के लिए ग्रेवल सड़कें बनाई जाएंगी। इन्हें इस तरह विकसित किया जाएगा कि भविष्य में बीटी या सीसी सड़क में बदला जा सके। जिले की छहो जनपद पंचायतों में कुल 101 सड़कें बनाई जाएंगी। प्रत्येक जनपद पंचायत को तीन करोड़ रुपए तक के कार्य स्वीकृत होंगे तथा एक सड़क की अधिकतम लागत 20 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
पिछले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठते रहे सवालों को देखते हुए इस बार सड़क निर्माण की निगरानी पूरी तरह तकनीक आधारित रहेगी। सड़क चयन सिप्री और रिम्स सॉफ्टवेयर से किया गया है। निर्माण सामग्री की लैब टेस्टिंग होगी, वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करेंगे और ड्रोन से तीन चरणों में मॉनिटरिंग की जाएगी। निर्माण की फोटो और वीडियो ऑनलाइन अपलोड करना भी अनिवार्य रहेगा।
सुगम संपर्कता परियोजना का उद्देश्य दूरस्थ मजरा-टोलों और - ग्रामीण बस्तियों को बारहमासी सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। जिले में 101 सुगम सड़कों का लक्ष्य मिला है। सभी मार्गों का चयन ड्रोन सर्वे के आधार पर किया गया है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन मॉनिटरिंग, लैब टेस्टिंग और ऑनलाइन निरीक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीणों को टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़कें मिल सकें।-डॉ. इच्छित गढ़पाले, सीईओ, जिला पंचायत, राजगढ़