विधायक की नाराजगी के बीच तहसीलदार सुनील वर्मा ने मंच से सफाई दी कि वे जानबूझकर नामांतरण प्रकरण नहीं रोक रहे हैं। जहां दस्तावेज या प्रक्रिया में कमी है, उन्हीं प्रकरणों को रोका जा रहा है। इस बीच जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने कहा कि 15 दिन की समयावधि में आप लोग संबंधित को बुलाओ, जो कमियां हैं, उन्हें दूर करवाएं। जो प्रकरण निरस्त किए गए हैं, उनमें आवश्यक दस्तावेज लगवाएं और उनकी निगरानी करें, लेकिन किसी को परेशान न करें।