
Rajgarh Khilchipur bypass road stuck: खिलचीपुर बायपास का काम तीन साल से अटका (फोटो सोर्स- Patrika)
(राजगढ़ से राजेश विश्वकर्मा की पत्रिका एक्सक्लूसिव रिपोर्ट)
Bhopal-Ramganj Mandi rail line: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में इंजीनियरिंग का अजब-गजब नमूना सामने आया है। नेशनल हाइवे और रेलवे के बड़े प्रोजेक्टों के बीच तालमेल की कमी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पहले रेल की पटरियां बिछ गईं और उसके बाद उसी रूट पर बायपास का काम शुरू हुआ। नतीजा यह हुआ कि खिलचीपुर में करीब 5.5 किलोमीटर लंबे बायपास की सड़क रेल लाइन के दोनों छोर तक पहुंचकर रुक गई।
करीब 38 करोड़ रुपए लागत वाले इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद रेलवे लाइन के हिस्से में काम अटका हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार दोनों विभाग अब एक-दूसरे पर जानकारी नहीं देने की बात कह रहे हैं। एनएच-पीडब्ल्यूडी का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय उसे पता नहीं था कि यहां रेल लाइन बिछनी है, जबकि रेलवे का कहना है कि बायपास की जानकारी लेकर उसके अधिकारी आए ही नहीं।
भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन परियोजना करीब दो दशक पुरानी है। इसके बाद खिलचीपुर में बायपास की योजना सामने आई और करीब चार साल पहले सड़क का काम शुरू हुआ। लेकिन दोनों परियोजनाओं के बीच समन्वय नहीं होने के कारण बायपास उस स्थान पर अटक गया, जहां रेल लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी थी। सड़क को दोनों ओर से पटरियों के पास लाकर छोड़ दिया गया। अब यहां बायपास को रेल लाइन के पार ले जाने के लिए आगे की तकनीकी और निर्माण प्रक्रिया पूरी करना बाकी है। इसके कारण वाहन चालकों को बायपास का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा और करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है।
एक ही क्षेत्र में दो बड़े सरकारी प्रोजेक्ट होने के बावजूद उनके बीच समन्वय नहीं होने का खामियाजा अब अधूरे बायपास के रूप में सामने है। सड़क का अधिकांश काम पूरा होने के बाद भी रेल लाइन वाले हिस्से में काम अटका है। यदि दोनों विभागों के बीच समय रहते समन्वय होता तो संभवतः सड़क को दोनों छोर पर रोकने की स्थिति नहीं बनती। अब अधूरे हिस्से को पूरा करने के लिए आगे की प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय होना बाकी है।
हमें पता ही नहीं था कि यहां पटरियां बिछनी हैं- जब जमीन अधिग्रहण हुआ तब हमें पता नहीं था कि यहां रेल लाइन डलनी है। दो बार टेंडर हो चुके हैं और कुछ काम भी हुआ है। दो रेलवे अंडरपास बनने थे। अभी काम रुका है, लेकिन जल्द शुरू करेंगे। वैसे मुझे तो कुछ ही समय हुआ है, पहले के अधिकारियों ने कैसे किया, यह हमें पता नहीं। -नवीन मल्होत्रा, ईई, एनएच-पीडब्ल्यूडी, भोपाल
ये लोग हमारे पास आए ही नहीं- उस दौरान हमसे बात ही नहीं की गई। ये लोग हमारे पास 2024 में आए थे। हमें क्या पता कि ये बायपास बना रहे हैं। हमने डिजाइन अप्रूव करके दे दी है। अब ये लोग बनाएं। खर्च की बात है तो हम खर्च क्यों उठाएंगे? ये अपना खर्च उठाएं, अपने टेंडर करें और काम कराएं।-गौरव मिश्रा, डीसी, पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल
5.5 किलोमीटर लंबा है खिलचीपुर बायपास
करीब 38 करोड़ रुपए लागत
90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा
रेलवे लाइन के दोनों छोर पर सड़क का काम अधूरा
करीब तीन साल से काम प्रभावित (स्रोत : रेलवे और एनएच-पीडब्ल्यूडी)
Updated on:
17 Sept 2026 10:53 am
Published on:
17 Sept 2026 10:42 am
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