
जीरापुर। नगर में कई जगह गेस रिफिल का कार्य जोरो से चल रहा था। जहाँ जैसे पेट्रोल पम्प पर गाड़ियों की लाइन लगती है उसी क्रम में राजू के खेत पर और छापीहेड़ा नाके पर गैस रिफिल कराने के लिए गाड़ियों की लाइन लगती है। सूत्रों से ज्ञात हुआ कि गैस रिफिल का कारोबार पुलिस और गैस एजेंसी की मदद से चल रहा था। इसलिए अभी तक इस पर किसी भी तरह की कोई कारवाई नहीं की गई।
लेकिन नवागत थाना प्रभारी युवराज सिंह के आने के बाद एक टीम गठित की गई। उनके द्वारा गठिट टीम ने राजू पिता भवरलाल धोबी के खेत पर दबिश दी। जहाँ से 13 गैस सिलेंडर भरे हुए ओर 25 सिलेंडर खाली मिले। साथ ही गैस रिफिल करने की मोटर, काटा सहित बरमात किया गया ।
पूर्व में हो चुकी है अनदेखी
जानकारी के अनुसार पहले भी ऐसा हो चुका है। गैस रिफिल भरते समय हादसा हुआ था। पर, प्रशासन द्वारा उसकी भी अनदेखी की गई। जिससे गैस रिफिल एजेंसी को श्रेय मिली।
नगर की बंसल कालोनी में 1 वर्ष पूर्व भी गैस रिफिल करते समय मारुति वेन में आग लगी थी। जिस पर गैस रिफिल करने वाले अड्डे पर कार्यवाही के लिए थाने तो लाया गया था ओर मीडिया द्वारा भी उस मामले को उठाया था। पुलिस की मिलीभगत से पता नही उन पर मामला दर्ज क्यों नहींं किया गया। जिस की शिकायत पूर्व में कलोनी वासियों ने भी की थी। लेकिन मामला जांच में लेकर रफे दफे हो गया। अगर आज जैसी कार्यवाही पहले ही हो जाती तो पता ही नहीं चलता गैस रिफिल कारोबार का और न ही यह व्यापार इतना बड़ा रूप ले पाता।
हमारी टीम ने जीरापुर में आरोपी राजू पिता भंवरलाल निवासी जीरापुर के खेत पर दबिश देकर 13 भरे हुए और 25 खाली इंडेन कंपनी के कुल 38 सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटा तथा गैस को वाहनों में रिफिल करने की मशीन धारा 3/7 इसी एक्ट तहत जाकर जप्त किया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। टीम में ए एस आई श्री बी एल मवासे ए एस आई श्री एच एस काकरवाल, प्रकाश चौहान आर 771 अनिल 766 रविन्द्र आर 538 रूपसिंह 236 सागर की मुख्य भूमिका रही। जिससे इस गैस एजेंसी का खुलासा हो सका और आरोपी को पकड़ा जा सका।
थाना प्रभारी जीरापुर युवराज सिंह चौहान