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सात दिन में खुलेंगी खाद के स्टॉक की गड़बड़ी की परतें, ब्यावरा-जीरापुर के एसएडीओ को नोटिस

Fertilizer Stock Inspection: जिला प्रशासन ने 12 निजी दुकानों की जांच की, पीओएस और ई-विकास के रिकॉर्ड का भौतिक स्टॉक से होगा मिलान।
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राजगढ़

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Shailendra Sharma

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Updated: 29 Oct 2026, 10:02 PM IST

Rajgarh Fertilizer Stock Inspection

Rajgarh Fertilizer Stock Inspection, अधिकारियों को निर्देश देते कलेक्टर गिरीश कुमार (Source- Rajgarh Collector Facebook Page)

Rajgarh Fertilizer Stock Inspection: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने स्टॉक की जांच का शिकंजा कस दिया है। सहकारी समितियों, निजी खाद दुकानों और डबल लॉक केंद्रों में पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध खाद का मिलान किया जाएगा। जहां भी अंतर मिलेगा, वहां गड़बड़ी के कारणों की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट देनी होगी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने ब्यावरा और जीरापुर के एसएडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।

12 निजी दुकानों की जांच की जिम्मेदारी

जिले की 12 निजी खाद दुकानों की जांच मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, राजगढ़ और उपायुक्त सहकारिता को सौंपी गई है। जांच में पीओएस एवं ई-विकास पोर्टल पर दर्ज स्टॉक का भौतिक उपलब्धता से मिलान किया जाएगा। अंतर मिलने पर उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निगरानी में लापरवाही या खाद वितरण में अनियमितता सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब स्टॉक मिलान और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि कहीं खाद के रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता में अंतर है या नहीं।

लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहकर खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निगरानी में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद मिलने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और न ही खाद की कालाबाजी और जमाखोरी भी जिले में होनी चाहिए।