
Rajghar news:एमपी के राजगढ़ में बीते दिन बेटी के लिए रिश्ता देखने गए परिवार के 5 लोग काल के गाल में समा गए। सभी का अंतिम संस्कार पूरे विधी-विधान के साथ किया गया। किसी को नहीं पता था कि घर में शादी की तैयारियों से पहले अंतिम संस्कार की प्रकिया करनी पड़ेगी। मरने वालों में 2 लोग शाजापुर और 3 लोग राजगढ़ के है। सभी के घरों में लोंगो के आने जाने वालों की भाड़ लगी हुई है। बता दें कि पांचों लोग बेटी के लिए रिश्ता देखने के बाद एकादशी होने के कारण खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे लेकिन नियती ने तो कुछ और लिखा था जिसे कोई पलट नहीं सकता। परिवार वाले यहीं कह रहे है कि दर्शन से पहले ही मनहूस खबर आ गई। घर के लोगों को घटना के बाद से सदमा लगा है।
अवंतीपुर बड़ोदिया क्षेत्र के अरन्याखुर्द के गोविंद (50) बेटी के लिए लड़का देखने खुजनेर जा रहे थे। उनके साथ शंकरलाल नाथ (60), कमल किशोर (60) आरंडिया के रोहित सिंह (40) व अरविंद सिंह (45) कार एमपी 09 सीसी 6414 में सवार थे। दोपहर भीलखेड़ी जोड़ के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और कार पुलिया से बड़लावदा तालाब में जा गिरी। कार की कांच बंद होने से पांचों अंदर ही फंस गए। उनका दम घुट गया। ग्रामीणों ने कांच तोड़कर सभी को निकाला। तब तक चार की मौत हो चुकी थी। एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया सगाई की बात तय हो गई थी। एकादशी होने के कारण सभी ने खुजनेर स्थित खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करने का सोचा। लेकिन मंदिर पहुंचने से पहले ही दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी रवि ठाकुर और ग्रामीणों ने कार के कांच तोड़े और घायलों को निकाला। थाना प्रभारी ठाकुर ने बताया, कार तालाब में गिरी तो उसके दरवाजे लॉक हो गए। पानी का दबाव बढ़ने से दरवाजा नहीं खोल सके। कांच भी नहीं खुले। उनका दम घुट गया।
मृतकों में गोविंद और कमल किशोर पुजारी परिवार से थे। परिजनों के अनुसार परिवार में करीब 65 सदस्य हैं। गोविंद अपनी बेटी के रिश्ते के सिलसिले में खुजनेर आए थे। लड़का देखने की प्रक्रिया पूरी होने के 10 मिनट बाद बाद सभी खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए निकल रहे थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया। परिवार के कई सदस्य पुजारी हैं, जबकि अन्य शासकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। खुशियों का यह सफर कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शी इकबाल भाई मिर्ची वाले और देवकरण वर्मा ने बताया कि कार तालाब में गिरते ही आसपास के लोग बिना देर किए पानी में उतर गए। ग्रामीणों ने अपने जूते-चप्पल और कपड़े तक उतारने की परवाह नहीं की और कार के शीशे तोडकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रवि ठाकुर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बचाव कार्य में जुट गए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बड़लावदा तालाब की पुलिया पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उनका आरोप है कि सड़क चौड़ी होने के बावजूद पुलिया का चौड़ीकरण लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे यहां लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।