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राजगढ़ में शिक्षकों और छात्र की तस्वीरों से AI के जरिए छेड़छाड़, सोशल मीडिया पर की वायरल

AI Photo Morphed Case: एआई से बनाई गईं आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल होते ही स्कूल के टीचर्स और छात्र ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस जांच में जुटी।
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Narsinghgarh Police Station

Narsinghgarh Police Station की फाइल फोटो (Source-Patrika)

Rajgarh AI Photo Morphed Case: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षकों और एक छात्र की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से थाना नरसिंहगढ़ में दिए आवेदन में शिक्षक-शिक्षिकाओं की तस्वीरों को कथित रूप से एआई की मदद से आपत्तिजनक रूप देकर फर्जी आईडी से बनाए गए ग्रुप की चैट में वायरल किए जाने की शिकायत की गई है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है।

छात्र की फोटो से भी छेड़छाड़ का आरोप

इसी घटनाक्रम से जुड़े एक अन्य आवेदन में कक्षा 10वीं के छात्र ने भी अपनी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत की है। छात्र के अनुसार उसकी फोटो को कथित रूप से एआई के माध्यम से आपत्तिजनक रूप देकर स्कूल के बाथरूम के अंदर और बाहर लगाया गया। शिकायत में फोटो को इंस्टाग्राम के स्कूल ग्रुप में साझा किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगा मामला

फिलहाल स्कूल प्रबंधन और छात्र की ओर से दिए गए आवेदनों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। जांच में यह सामने आएगा कि तस्वीरों से छेड़छाड़ किसने की, फर्जी आईडी किसने बनाई और सामग्री को सोशल मीडिया या ग्रुप में किसने प्रसारित किया। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करेगी। जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी। मामले में थाना प्रभारी गुंजा सौलंकी ने बताया कि फर्जी आईडी बनाकर आपत्तिजनक फोटो प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। प्रबंधन और एक छात्र की ओर से दिए आवेदन से जांच कर रहे हैं।

मोबाइल देने के साथ निगरानी जरूरी

बच्चों को पढ़ाई और ऑनलाइन शिक्षा के लिए मोबाइल देना आज जरूरत बन गया है, लेकिन इसके साथ उनकी डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना भी जरूरी है। अभिभावक यह देखते रहे कि बच्चे सोशल मीडिया पर क्या देख रहे हैं, किससे बातचीत कर रहे हैं और किन एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। अनजान लिंक, फर्जी सोशल मीडिया आईडी और आपत्तिजनक सामग्री को साझा करने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बच्चों को जागरूक करना जरूरी है।