
Rajgarh Train Passenger Death: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सफर कर रहे युवक को जब तक मदद मुहैया कराई गई तब तक देर हो चुकी थी और युवक की मौत हो चुकी थी। अहमदाबाद से अपने भाई के साथ घर लौट रहे यूपी के युवक की ट्रेन में तबीयत बिगड़ गई थी। भाई ने मदद की मांग की लेकिन तीन स्टेशन गुजरने के बाद उसे ब्यावरा स्टेशन पर मदद मिल पाई। जीआरपी जब युवक को सिविल अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी धर्मेंद्र पटेल (33), पिता मोतीचंद पटेल की ट्रेन यात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हुई है। धर्मेंद्र अहमदाबाद में नौकरी करते थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज भी जारी था। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर वह घर लौट रहे थे। साथ आ रहे धर्मेंद्र के चचेरे भाई जामवंत ने बताया कि 1 जुलाई की रात करीब 11 बजे साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में अहमदाबाद से सवार हुए। उनके साथ उनके चचेरे भाई और बुआ का लड़का योगेश भी मौजूद थे। यात्रा के दौरान शुरुआत में उनकी हालत सामान्य थी। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे धर्मेंद्र ट्रेन में सो गए, लेकिन इसके बाद वह दोबारा नहीं उठे। सुबह करीब 9. 30 बजे के आसपास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें खून की उल्टी होने लगी। यह घटना शाजापुर के आसपास हुई।
धर्मेंद्र की हालत गंभीर होने पर परिजनों ने तत्काल मदद मांगी। ट्रेन के ब्यावरा स्टेशन पहुंचने पर सुबह करीब 11.30 बजे उन्हें उतारा गया। इसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के साथी योगेश ने बताया कि धर्मेंद्र सुबह 5 बजे ट्रेन में सोया था, इसके बाद हमने सुबह करीब 9.30 बजे शाजापुर के आसपास उठाया तो नहीं उठा, इसकी सूचना हमने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर मदद मांगी। लेकिन करीब तीन स्टेशन पार करने के बाद ब्यावरा स्टेशन पर जीआरपी ने संभाला और अस्पताल पहुंचाया।
धर्मेंद्र की असामयिक मौत से परिवार में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र के तीन बच्चे हैं, जिनकी उम्र 4 साल, 6 साल और 8 साल है। अहमदाबाद में काम कर बच्चों का का पालन पोषण और पढ़ाई का खर्च उठाते थे लेकिन अब पिता की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।