
ब्यावरा। राजस्थान में रफ्तार पकड़ चुकी रामगंजमंडी-भोपाल लाइन को मध्य प्रदेश में भी पहली बार जमीनी स्तर पर गति मिली है। अर्थ वर्क और भूमि अधिग्रहण में उलझी रेल्वे ने भोपाल के संत हृदयराम नगर (बैरागढ़) की ओर से जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पहली बार जमीनी स्तर पर चालू हुआ काम फिलहाल शुरुआती दौर में है लेकिन अब इसे रफ्तार मिलेगी। रेल्वे के अफसरों ने स्पष्ट किया है कि कुछ भूमि अधिग्रहण के मामले राजगढ़, सीहोर जिले के पेंडिंग है उन्हें जल्द निपटाया जाएगा। उसके बाद काम को रफ्तार मिलेगी और तय लक्ष्य २०२१ तक प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा।
एमपी का स्टेटस : शुरुआती दौर में काम
वर्ष-२००८ से शुरू हुई लाइन का काम शुरू से ही धीमा रहा। कभी भूमि-अधिग्रहण तो कभी राशिकमी के कारण लगातार काम टलता रहा। राजगढ़ में मोहनपुरा डेम की जमीन को लेकर भी का मामला उलझा रहा, बाद में उसे निपटाया गया। पहले राजस्थान सीमा की ओर से अर्थवर्क का काम शुरू हुआ लेकिन गति नहीं मिल पाई। वर्तमान में शुरुआती दौर में भोपाल की ओर से काम शुरू हुआ है।
राजस्थान का स्टेटस : ७० फीसदी काम पूरा
उक्त प्रोजेक्ट को शुरू से ही राजस्थान में काफी रफ्तार मिली।पहले राशि स्वीकृत हुई और पहले चरण में रामगंजमंडी से झालावाड़ के बीच ट्रेन दौडऩे लगी। अब झालावाड़ से अकलेरा का भी लगभग ७० फीसदी काम पूरा हो चुका है। मार्च-२०१९ तक अकलेरा तक ट्रैन दौड़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में झालावाड़ से झालरापाटन तक का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहां से अकलेरा के बीच पटरी बिछाने का काम जमीनी स्तर पर जारी है।
पीएम के फॉस्टट्रैक प्रोजक्ट में शामिल
रामगंजमंडी-भोपाल लाइन के काम को पीएमओ कार्यालय से भी स्पेशली लिया गया है। इस प्रोजेक्ट को पीएम के फॉस्ट्रैक प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, जिसकी मॉनीटरिंग सीधे पीएमओ कार्यालय से होगी।इस पर होने वाली पूरी अपडेट्स ऑनलाइन रहेंगी और एक-एक काम का ब्यौरा लिया जाएगा। राजस्थान सीमा में काम पूरा होने के बाद जब प्रोजक्ट फास्टट्रैक हुआ उसके बाद ही भोपाल की ओर से काम शुरू हुआ है।
लक्ष्य पूरा हुआ तो तीन साल में दौड़ेगी ट्रेन
रेल्वे के अफसरों के अनुसार अब उक्तप्रोजेक्ट का काम राजस्थान की तर्ज पर ही होगा।यदि ऐेसे ही काम हुआ तो तीन साल के भीतर राजगढ़ जिले की जनता को ट्रेन की सुविधा मिलेगी। इससे राजस्थान से सीधा संपर्कट्रेन का हो पाएगा।
अभी तक बस या अन्य वैकल्पिक साधनों से ही लोग सफर करते आएहैं। उक्त प्रोजेक्ट में मप्र की सीमा में भोजपुर, खिलचीपुर, राजगढ़, ब्यावरा, नरसिंहगढ़ और श्यामपुर में स्टेशन बनाने की योजनाहै।
फैक्ट फाइल
-१३६५ करोड़ से बनना है रामगंजमंडी-भोपाल लाइन।
-२०० करोड़ वर्ष-२०१६ में मिले थे।
-२०० करोड़ इस बजट में मिले।
-झालावाड़ तक चालू हो चुकी है
-२०१९-मार्च तक अकलेरा तक ट्रैन चालू करने का लक्ष्य।
-मप्र सीमा में पहली बार जमीनी स्तर पर शुरू हुआ काम।
-२६२ किमी है लाइन की लंबाई।
-१६ स्टेशन बनेंगे भोपाल-रामगंजमंडी के बीच।
(नोट : आंकड़े रेल्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
प्रोजेक्ट का वर्तमान स्टेटस
रामगंजमंडी से झालावाड़— काम पूरा
झालावाड़ से झालरापाटन—लगभग काम पूरा
झालरापाटन से अकलेरा—२०१9 मार्च का लक्ष्य
अकलेरा से खिलचीपुर—२०२० का लक्ष्य
खिलचीपुर से ब्यावरा-भोपाल २०२१ का लक्ष्य