
गुना। जिले में बजरंगगढ़ से जहां एक ओर एक नहीं तीन-तीन तोपें गायब हो गई हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं लग पाया है। वहीं दूसरी ओर जिले में सांडोएगढ़ जैसे क्षेत्र से बहुमूल्य मूर्तियां गायब हो गई हैं। शहर में पुरानी कलेक्ट्रेट, सर्किट हाउस जैसी जगहों पर कई मूर्तियां रखी थीं, वे भी अपने स्थान से गायब हो गई हैं। कुल मिलाकर ये है कि करोड़ों रुपए की लागत की पुरातत्व काल और कई देवी-देवताओं की मूर्तियां यहां से चली गई हैं। इसकी वजह ये है कि मूर्ति तस्कर गुना जिले में सक्रिय है, जो समय-समय पर वारदातों को अंजाम देकर पुलिस और संबंधित विभाग को चुनौती देते रहे हैं।
मूर्तियों का भंडार था यहां
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि गुना जिले में पुरातत्व काल की अलग-अलग मूर्तियां यहां रही हैं। भदौरा और उसके आसपास रहने वाले लोग बताते हैं कि सांडोएगढ़, बजरंगगढ़ जैसे कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां मूर्तियों का भंडार था। यहां के राजा ह मीर हठ हुआ करते थे, जो गुमराह की वजह से अपना राज्य छोडक़र चले गए थे, उस समय ये सांडोएगढ़ वीरान हो गया था।
यहां के लोगों ने बताया कि सांडोएगढ़ में कुछ समय से ऐसे लोग सक्रिय हैं जो वहां दिन और रात में दफीना पाने के फेर में खुदाई बगैरह भी करा रहे हैं। मुहालपुर से भी मूर्ति तस्कर पुरातत्व संपदा की पहचान बनी मूर्तियां उड़ा लेकर जाने में सफल हो गए हैं।
ऐसे हुई मूर्तियां गायब
सूत्रों ने जानकारी दी कि कुछ वर्ष पूर्व पुरानी कलेक्ट्रेट में पुरातत्व संग्रह में एकत्रित की गईं मूर्तियां जो वहां रखी थीं, वे गायब हो गई हैं। इसी तरह सर्किट हाउस में भगवान बुद्ध और विष्णु भगवान की मूर्तियां रखी थीं, वे भी नजरों से गायब हो गई हैं। इसी तरह जैन समुदाय से जुड़ीं मूर्तियां जो भदौरा-पाटई के बीच बहुतायत संख्या में हैं, वे भी मूर्ति तस्कर उड़ा ले गए हैं। ऐसे ही कुछ अफसरों के बंगलों में पुरातत्व संपदा के रूप में प्रतिमाएं कुछ वर्ष पूर्व रखवाई गई थीं, वे भी गायब हो गई हैं।
विदेश तक पहुंच चुकी हैं यहां की मूर्तियां
सूत्रों ने बताया कि गुना जिले से बड़ी तेजी से हो रही मूर्तियां चोरियों के बारे में पुरातत्व प्रेमी यहां से चोरी गई मूर्तियां विदेश तक तस्करी के जरिए पहुंच चुकी है।प्राचीन संस्कृति बन चुकी प्रतिमाएं गायब होने की सूचना प्रशासन को कई बार दी गई, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
पुरातत्व समिति का अता-पता नहीं
सूत्र बताते हैं कि यहां की पुरातत्व संपदा को सुरक्षित करने और खोज करने के आशय से एक पुरातत्व समिति बनाई गई थी, उस समिति में यहां के पुरातत्व प्रेमियों को शामिल किया गया था। लेकिन वह समिति कहां है और क्या काम किया है, यह कोई बताने को तैयार नहीं हैं।
Published on:
05 May 2018 03:33 pm
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