राजनंदगांव

अतिक्रमण विवाद में दो परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, कलेक्टोरेट में इच्छा मृत्यु की मांग, जानें क्या कहा?

Rajnandgaon News: घुमका तहसील के ग्राम बरबसपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर पंचायत द्वारा दो परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। इससे आहत होकर दोनों परिवारों के सदस्य गुरुवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और वहां इच्छा मृत्यु की मांग की।
2 min read
इच्छा मृत्यु की मांग (फोटो सोर्स- पत्रिका)
इच्छा मृत्यु की मांग (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: घुमका तहसील के ग्राम बरबसपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर पंचायत द्वारा दो परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। इससे आहत होकर दोनों परिवारों के सदस्य गुरुवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और वहां इच्छा मृत्यु की मांग की। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे ने उन्हें न्याय का आश्वासन दिया और मामले की जांच करने का वादा किया है।

बरबसपुर के निवासी चंद्रेश वर्मा और प्रेमू वर्मा ने कलेक्टोरेट पहुंचकर आवेदन में बताया कि उन्हें सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में लगातार पंचायत द्वारा परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि गांव में 90 प्रतिशत लोग सरकारी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, और वर्तमान सरपंच भी इस भूमि पर अपने मकान का निर्माण कर चुके हैं। चंद्रेश और प्रेमू वर्मा ने कहा कि यदि कार्रवाई करनी है तो सभी पर करनी चाहिए न कि केवल उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है।

उनका कहना था कि उन्हें 80 डिसमिल जमीन पर मकान बनाने के लिए कब्जा किया था, लेकिन पंचायत और सरपंच द्वारा उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और बिना नोटिस के कार्रवाई की जा रही है। वे पंचायत द्वारा की जा रही इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से बेहद परेशान हैं। पीड़ितों ने अफसरों को अपनी दिक्कतों के बारे में बताया।

जीवन यापन में समस्या

चंद्रेश और प्रेमू वर्मा ने यह भी बताया कि इस विवाद के बाद उनकी सामाजिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। पंचायत के फैसले के बाद उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है, जिसके कारण उन्हें खेती-किसानी और जीवन यापन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस थाना में शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति से परेशान होकर दोनों परिवार कलेक्टोरेट पहुंचे और अपनी न्याय की गुहार लगाई।

अपर कलेक्टर का आश्वासन

इस मुद्दे पर अपर कलेक्टर सीएल मारकंडे ने बताया कि वह मामले की गंभीरता को समझते हैं और जल्द ही इसकी जांच करेंगे। उन्होंने चंद्रेश और प्रेमू वर्मा को न्याय का आश्वासन दिया और कहा कि मामले की पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद का निष्पक्ष समाधान निकाला जाएगा, ताकि दोनों परिवारों को उचित न्याय मिल सके। बताया कि बच्चों के साथ भी अच्छा व्यवहार नहीं किया जा रहा है।

Updated on:
31 Oct 2025 04:00 pm
Published on:
31 Oct 2025 04:00 pm