
Saurabh Walking Journey: मंजिल कितनी दूर है, यह मायने नहीं रखता, जब कदमों में जुनून हो। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जारा गांव निवासी सौरभ देवांगन ने कुछ ऐसा ही जुनून दिखाया है। भारत को करीब से जानने और देश की विविधता को समझने के लिए 7 अक्टूबर 2021 को शुरू की गई उनकी पैदल भारत यात्रा अब 19,500 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी है।
अब सौरभ की नजर 20 हजार किलोमीटर के उस पड़ाव पर है, जिसे वे आगामी 7 अक्टूबर को रायपुर में पूरा करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। सौरभ अपनी यात्रा के दौरान डोंगरगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अब तक वे 27 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में पैदल भ्रमण कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, खान-पान, रहन-सहन और भौगोलिक परिस्थितियों को करीब से देखा और समझा।
ओडिशा से लेकर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर के राज्यों, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण भारत के कई राज्यों तक उनका सफर पहुंच चुका है। जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी तथा दमन एवं दीव की भी उन्होंने पैदल यात्रा की है।
सौरभ अपनी यात्रा के दौरान स्वच्छ एवं हरित भारत का संदेश भी दे रहे हैं। वे लोगों से पौधे लगाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरा डस्टबिन में डालने की अपील करते हैं। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की छोटी-छोटी आदतों से भी बड़ा बदलाव आ सकता है।
सौरभ कहते हैं कि उनका उद्देश्य केवल देश घूमना या कोई रिकॉर्ड बनाना नहीं है। वे पैदल चलकर भारत को उसकी वास्तविक जमीन से समझना चाहते हैं। गांवों, कस्बों और शहरों में आम लोगों से मिलकर उन्होंने उनकी जिंदगी, संघर्ष, उम्मीदों और अनुभवों को जानने का प्रयास किया है।
डोंगरगढ़ पहुंचने पर सोन कुमार सिन्हा, सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा शर्मा, जिज्ञासु टांक सहित अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। मां बम्लेश्वरी की नगरी में मिले अपनत्व से सौरभ भी अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि देश के हर हिस्से में उन्हें लोगों का सहयोग और अपनापन मिला। सौरभ ने इस दौरान अपनी यात्रा के अनुभव विस्तार से साझा किए।
अब यात्रा के अंतिम चरण में सौरभ खैरागढ़ की ओर बढ़ रहे हैं। इसके बाद राजनांदगांव, भिलाई और छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य स्थानों से होते हुए वे राजधानी रायपुर पहुंचेंगे। 7 अक्टूबर को रायपुर में यात्रा पूरी करने के साथ उनका सफर लगभग 20 हजार किलोमीटर का हो जाएगा। सौरभ कहते हैं कि उन्होंने यात्रा 7 अक्टूबर को शुरू की थी और चाहते हैं कि इसका समापन भी उसी तारीख को हो। स्वच्छ, हरित और जागरूक भारत का संदेश उनके कदमों के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है।