
CG Naxal News: महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ (एमएमसी) जोन और आरकेबी डिवीजन (राजनांदगांव- मोहला-मानपुर व कांकेर) में सक्रिय नक्सलियों की अब खैर नहीं। बरसात के बाद एमएमसी जोन व आरकेबी डिवीजन में सक्रिय नक्सलियों के सफाए के लिए तीनों राज्यों की पुलिस व फोर्स ने तैयारी कर ली है। नक्सलियों के सफाए के लिए रणनीति बनाने गुरुवार को गोंदिया में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र की पुलिस व फोर्स के उच्च आधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में नक्सलियों के मांद में बेस कैंप खोलकर तीनों राज्यों के पुलिस व फोर्स द्वारा ज्वांइट अभियान चलाने की सहमति बनी है।
राजनांदगांव रेंज के प्रमुख जिले खैरागढ़ और कवर्धा एमएमसी जोन के हिस्से हैं। सीमावर्ती महाराष्ट्र का गोंदिया व मध्यप्रदेश के बालाघाट और मंडला भी एमएमसी जोन के अधीन है। वहीं राजनांदगांव-मोहला-मानपुर व कांकेर जिला आरकेबी डिवीजन के अधीन हैं। नक्सलियों ने विस्तार नीति के तहत एमएमसी जोन और आरकेबी डिवीजन का गठन किया था।
पुलिस व सुरक्षा बलों के द्वारा नक्सलियों के मांद में आगे बढ़कर खात्मे के लिए खैरागढ़ जिले के गातापार, साल्हेवारा क्षेत्र के अंदरूनी गांव में दो जगह और मोहला-मानपुर जिले के औंधी क्षेत्र में नवागांव, सीतागांव थाना क्षेत्र के आमाकोड़ा-तीतेमेटा और कोहका थाना के संबलपुर गांव के अलावा कवर्धा (Naxal News) जिले के बालाघाट से सटे घोर नक्सल क्षेत्र बोक्काखार, आमापानी और मुढ़वाही में बेस कैंप खोलने की तैयारी है।
गोंदिया के बैठक में खैरागढ़ व कवर्धा के अलावा मध्यप्रदेश के बालाघाट व मंडला बॉर्डर और मोहला-मानपुर जिला के अलावा कांकेर जिला व महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पुलिस और राजनांदगांव जिला के बाघनदी व महाराष्ट्र के गोंदिया बॉर्डर में तीनों राज्यों की पुलिस व फोर्स संयुक्त रूप से सर्चिंग कर नक्सलियों के गढ़ में आगे बढ़ने व उनके मांद में बेस कैंप खोलकर उन्हे खदेड़ने की रणनीति पर काम करने की सहमति बनी।
आईजी दीपक झा ने बताया कि मएमसी व आरकेबी डिवीजन में मार्च 2025 तक नक्सलियों के गढ़ को समाप्त करने की रणनीति है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ की पुलिस संयुक्त रुप से सर्चिग कर रही है। प्रभावित क्षेत्र में बेस कैंप खोल रहे हैं।