राजनंदगांव

CG News: धर्मापुर में अवैध आश्रम का खुलासा, इस हाल में 10 आदिवासी बच्चे का किया गया रेस्क्यू, मचा बवाल

CG News: आश्रम में बच्चों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें यहां क्यों रखा गया और इस गतिविधि के पीछे कौन लोग हैं। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही अनभिज्ञ थे, जिससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

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हिन्दू संगठनों ने किया हंगामा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: राजनांदगांव से सटे ग्राम पंचायत धर्मापुर में मिशनरी गतिविधियों के तहत अवैध आश्रम चलाए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें 10 अनाथ आदिवासी बच्चों की मौजूदगी की जानकारी मिली है।

इस घटना में किशोरियों का भी समावेश है, जिसकी पुष्टि ग्रामीणों ने की है। मामले का खुलासा होते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह गांव पहुंचकर इसका विरोध किया और मौके पर जमकर हंगामा करते मिशनरी गतिविधियां चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सीएसपी वैशाली जैन के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। विरोध कर रहे लोगों को जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया गया। यहां मिले आदिवासी बच्चे कांकेर जिले के आमाबेड़ा गांव से हैं, जहां कुछ समय पहले धर्मांतरण को लेकर प्रदेश भर में विवाद हुआ था।

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पुलिस जांच में जुटी

विरोध के दौरान यह जानकारी सामने आई कि डेविड चाको, जो पूर्व में राजनांदगांव के नेहरू नगर में रहते थे। हाल ही में मतांतरण से जुड़ी गतिविधियों और प्रार्थना सभाओं को लेकर विवादों में थे। वर्तमान में वह धर्मापुर स्थित इस भवन की गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं और वह स्वयं को पेंटागोस चर्च रायपुर का प्रतिनिधि बताते हैं। आश्रम में संचालित गतिविधियों का एक आडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें डेविड बच्चों की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए यह भी कह रहे हैं कि प्रशासन को अब तक इस आश्रम की जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

सिलाई केन्द्र के लिए जमीन खरीदी

आश्रम में बच्चों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें यहां क्यों रखा गया और इस गतिविधि के पीछे कौन लोग हैं। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग दोनों ही अनभिज्ञ थे, जिससे संदेह की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सूत्रों के अनुसार गांव में चार साल पहले डेविड चाको नामक व्यक्ति ने एक किसान से जमीन खरीदी थी और पंचायत से एनओसी प्राप्त कर सिलाई केन्द्र और आवास बनाने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया था। अब तक चल रहे निर्माण कार्य में इस भवन में इन बच्चों को रखे जाने की जानकारी मिल रही है, जो कांकेर जिले से लाए गए थे।

धर्मापुर गांव में मिशनरी गतिविधियां चलने की जानकारी सामने आई है। मौके पर पहुंच कर वहां से कांकेर के आमाबेड़ा निवासी 10 बच्चों को कब्जे में लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के जरिए चाइल्ड केयर के पास भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। - वैशाली जैन, सीएसपी राज

Published on:
07 Jan 2026 01:11 pm
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