अंबागढ़ चौकी एसडीओपी की रीडर आरक्षक आरती कुंजाम की खौफनाक हत्याकांड की गुत्थी शनिवार को अंतत: सुलझ गई है।
राजनांदगांव. अंबागढ़ चौकी एसडीओपी की रीडर आरक्षक आरती कुंजाम की खौफनाक हत्याकांड की गुत्थी शनिवार को अंतत: सुलझ गई है। महिला आरक्षक के लगातार ब्लैकमेलिंग से त्रस्त अंबागढ़ चौकीे थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर डीपी नापित ने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। आरोपी उपनिरीक्षक के खुलासे के बाद डोगरगांव पुलिस ने हत्या का जुर्म दर्ज कर हिरासत में ले लिया है।
प्रेस कांफ्रेस में बताया कैसे दिया वारदात को अंजाम
आरक्षक आरती कुंजाम हत्याकांड का पूरा खुलासा राजनांदगांव पुलिस ने शनिवार को किया। इस मामले में प्रेसवार्ता में एएसपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि महिला आरक्षक, एसडीओपी योगेश साहू की रीडर आरती कुंजाम की हत्या 20 अगस्त कि आधी रात को ही अंबागढ़ चौकी थाने के सब इंस्पेक्टर डीपी नापित के द्वारा कर दी गई थी। हत्या का मूल कारण दोनों के बीच अवैध प्रे्रम संबंध था।
Read more: कब्र खोदकर निकाला महिला कांस्टेबल का शव, हत्यारे ने की थी ऐसी बेरहमी कि रूह कांप जाए...पढि़ए पूरी खबर ...
पहले गला दबाकर मारा फिर कुल्हाड़ी के काटे हाथ पैर
मिली जानकारी के अनुसार एसआई नामित ने आरक्षक की हत्या अंबागढ़ चौकी के आउटर एनीकट के करीब की। सब इंस्पेक्टर ने पहले आरती की गला दबाकर हत्या की। उसके बाद कुल्हाड़ी से हाथ और पैर काटकर नदी में फेंक दिया। सिर काटकर भी नदी के तेज धार में फेंक दिया।
कार में ले गया था आरती को
प्रेम संबंध और ब्लैकमेलिंग के इस खौफनाक वारदात में एसआई ने अपनी कार का उपयोग किया था। कार से ही पुलिस ने धारदार हथियार बरामद कर लिया है। सब इंस्पेक्टर ने कुल्हाड़ी से हाथ पैर सिर अलग कर डोंगरगांव के बगदई अंबागढ़ चौकी के शिवनाथ नदी- में शरीर के अंग और लाश ठिकाने लगा दिया था।